चमोली के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजीत गैरोला अब तक 51 बार रक्तदान कर चुके हैं। वह एक साल में दो बार रक्तदान करते हैं और कई लोगों की जिंदगियां भी बचा चुके हैं।
डा. गैरोला ने अब अमर उजाला के रक्तदान क्लब से जुड़ने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि यह एक सामाजिक दायित्व है, जिसे अमर उजाला बखूबी निभा रहा है।
करना चाहते हैं सौ बार रक्तदान
58 वर्षीय गैरोला का 51 बार रक्तदान करने का लक्ष्य था, जो वर्ष 2013 के फरवरी माह में पूरा हो गया। सीएमओ रक्तदान में सौ आंकड़ा पूरा करना चाहते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
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रक्तदान करने की अधिकतम आयु 68 वर्ष है और आगामी 10 वर्ष तक सिर्फ बीस बार ही रक्तदान कर पाऊंगा।
रक्तदान के बाद अब नेत्रदान
डा. गैरोला वर्ष 1978 से रक्तदान करते आ रहे हैं, जब वे मेरठ में पढ़ाई कर रहे थे तो एक दिन उनके सामने ही एक बस बिजली के करंट की चपेट में आ गई, जिसमें 56 लोग घायल हुए थे।
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तब उन्होंने एक युवक को खून देकर उसकी जिंदगी बचाई थी। तभी से वे रक्तदान करते आ रहे हैं। डा. गैरोला का कहना है कि जीते जी रक्तदान और मरने के बाद नेत्रदान करना मेरा लक्ष्य है।