भारतीय वन्य सेवा (आईएफएस) के पूर्व अफसर एवं एफआरआई के महानिदेशक रह चुके डॉ. विनोद कुमार बहुगुणा को उत्तराखंड रक्षा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद बहुगुणा ने प्रदेश में मजबूत राजनीतिक विकल्प देने का दावा किया है। साथ ही सहयोगी संगठनों और जनता की राय जानने के बाद ही आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा भी की।
बुधवार को मोर्चा के संस्थापक पूर्व आईएएस एसएस पांगती ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. बहुगुणा के मोर्चा में शामिल होने और अध्यक्ष बनाने की विधिवत घोषणा की। इसके बाद डॉ. बहुगुणा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मोर्चा एक नई राजनीतिक सोच के साथ राज्य हित में कार्य करेगा।
तीसरा विकल्प बनने की तैयारी
भाजपा और कांग्रेस छोड़कर और समान विचारधारा वाले दलों और संगठनों को मोर्चा अपने साथ लेगा। इस दौरान एसएस पांगती ने पंचायतों की मजबूती पर जोर दिया। मोर्चा के संस्थापक सदस्य एवं नवनियुक्त महासचिव पीसी थपलियाल ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस की सरकारें 16 साल में भी राज्य की परिसंपत्तियों के बंटवारे पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई हैं। आज भी उत्तराखंड की जल परियोजनाओं पर उत्तर प्रदेश का कब्जा है।
प्रेस कांफ्रेंस में मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रिटायर्ड डीआईजी बलराम सिंह, रिटायर्ड डीएसपी एमएस फर्स्वाण, कर्नल राजेंद्र बर्त्थवाल, रिटायर्ड सैन्य अफसर पीसी थपलियाल, धाद संस्था के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास, वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल गुप्ता, महेंद्र सिंह खालसा, मनवर सिंह रावत आदि उपस्थित थे।
प्रदेश कार्यकारिणी भी गठित
पीसी थपलियाल को महासचिव, ज्योति विजय रावत कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष अर्जुन गेहरवार और विनोद नेगी को कार्यालय सचिव बनाया गया है।