देहरादून में दोपहिया पर पिछली सवारी को भी हेलमेट पहनने के नियम का पालन कराने सुबह से सड़कों पर उतरी पुलिस का जोश दोपहर तक ठंडा हो गया।
सीएम के सुझाव ‘घने शहरी इलाकों में पिछली सवारी को हेलमेट पहनने में छूट दी जा सकती है’ के बाद अब पुलिस अफसर पहले जागरूकता, बाद में कार्रवाई का पाठ दोहरा रहे हैं। पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बुधवार से कार्रवाई का ऐलान किया था। इससे पहले दो दिन लोगों को जागरूक किया गया था।
विधायक ने की थी शिकायत
राजपुर विधायक राजकुमार कार्रवाई के बाद कई लोगों की शिकायत पर दोपहर में मुख्यमंत्री हरीश रावत से इस मसले पर मिलने गए। उनका कहना था कि शहर के भीतर अधिकतर दोपहिया वाहनों की गति धीमी होती है।
विधायक ने दावा किया कि इसी बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी को इस संबंध में निर्देश दिया। विधायक के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सिर्फ शहर के भीतर ही पिछली सीट पर बैठी सवारी के लिए हेलमेट की बाध्यता खत्म करने पर सहमति दी है।
दोपहर तक हो चुके थे 200 चालान
सीपीयू और यातायात पुलिस ने बुधवार सुबह से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय ने घंटाघर से अभियान की कमान संभाली। चालान काटे।
राजपुर रोड, आढ़त बाजार, चकराता रोड, आराघर, आईएसबीटी रोड, पटेलनगर, सचिवालय रोड पर भी कार्रवाई हुई। दोपहर में कार्रवाई रोकने का आदेश आने तक पुलिस 200 लोगों से जुर्माना वसूल चुकी थी।
घंटाघर पर कुछ देर जाम भी
जागरूकता के तमाम दावों के बावजूद बुधवार को दोपहिया की पिछली सवारी बगैर हेलमेट नजर आईं। इस दौरान पुलिस ने कई वाहन चालकों को मोटर व्हीकल एक्ट भी पढ़ाया।
एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय के मुताबिक वाहन चालकों को हेलमेट की बेल्ट बांधने की भी हिदायत दी गई। इस बीच चालान के लिए दुपहियों को रोकने के दौरान घंटाघर पर कुछ देर जाम भी लगा रहा।
चालक के साथ पिछली सवारी के हेलमेट की अनिवार्यता की कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए स्थगित किया गया है। इस मसले पर लोगों में जागरूकता लाने के साथ पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद ही चालान करने कार्रवाई पर अमल होगा।
- बीएस सिद्धू, डीजीपी
मैंने पुलिस को सुझाव दिया है कि घने शहरी इलाकों में, जहां ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रहती है, पीछे की सवारी को हेलमेट की छूट दी जा सकती है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से शहर के बाहरी इलाकों, हाईवे आदि पर इसे लागू किया जा सकता है। अभी सरकार इस पूरे प्रकरण का अध्ययन कर रही है।
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री