दून के रंजीत राजधानी की सड़कों पर प्रकाश करने के साथ ही लोगों के जीवन में योग का उजाला कर रहे हैं। 20 साल पूर्व उन्होंने योग को आत्मसात किया था।
रंजीत राणा नगर निगम में पथ प्रकाश निरीक्षक के रूप में काम करते हैं। सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक अपनी ड्यूटी करने के साथ ही योग को वह नियमित रूप से सुबह दो घंटे देते हैं। उनका मानना है कि सेहत से बड़ा कोई सुख और धन नहीं है। हर व्यक्ति को अपने शरीर को समय देना चाहिए क्योंकि नियमित व्यायाम और योग आपको न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी।
राणा के अनुसार वह फुटबाॅल खेलते हैं साथ ही नियमित जिम भी जाते हैं। करीब 20 साल पूर्व रुद्राक्ष योगशाला में गए थे। वहां पर सुशील भट्ठ से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने योग के बारे में उनको बताया। धीरे-धीरे उन्होंने मुद्राओं को सीखना शुरू कर दिया। योग की हजारों मुद्राएं हैं। राणा भी लगातार इन्हें सीख रहे हैं। वह अब तक 1347 योग मुद्राएं कर चुके हैं। उनका कहना है कि योग की यही खास बात है कि उसकी हर मुद्रा शरीर के हर अलग अंग को फायदा पहुंचाती है।