फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: दून की हवा बन गई जहर, एक्यूआई 400 के पार

विज्ञापन
विज्ञापन
I
विज्ञापन

II-दिवाली से पहले शनिवार को औसत एक्यूआई 132 दर्ज हुआ था
I
I

I
I-दिवाली की रात को एक्यूआई 268 बढ़कर 400 पार पहुंचा
I
Iराजधानी देहरादून में इस बार दिवाली पर पटाखों से हुए प्रदूषण ने पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। दून के कई क्षेत्रों में एक्यूआई का स्तर 400 के पार हो गया। शहर में एक्यूआई को बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
I
Iदिवाली से ठीक पहले शनिवार की रात दून में औसत एक्यूआई 132 दर्ज किया गया था। दिवाली की रात आतिशबाजी से हुए धुएं ने एक्यूआई 400 के पार पहुंचा दिया। 24 घंटे में इस कदर वायु प्रदूषण बढ़ा कि एक्यूआई 268 बढ़ गया। स्मार्ट सिटी ने शहर में 50 डिजिटल स्क्रीन लगाए हैं, जो आटोमेटिक डिवाइस के जरिए वायु गुणवत्ता सूचकांक की जानकारी देते हैं। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार दून शहर में सबसे अधिक वायु प्रदूषण घंटाघर, रेसकोर्स रोड, ओएनजीसी चौक और तहसील चौक पर दर्ज किया गया।
विज्ञापन

I
I
I
I-
I
Iदो साल पहले 348 पहुंचा था एक्यूआई
I
I
I
Iप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 में दीपावली पर हुई आतिशबाजी से एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया था। घंटाघर क्षेत्र में तब 348 और नेहरू कालोनी में 327 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
I
I-
I
I

I
Iदून विवि और नेहरू कालोनी क्षेत्र में 272 रहा एक्यूआई
I
Iप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेहरू काॅलोनी और दून विवि क्षेत्र में एक्यूआई दर्शाने वाले डिजिटल स्क्रीन लगाए हुए हैं। इन स्क्रीन के अनुसार अधिकतम एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। हालांकि मैनुअल स्टेशन से प्राप्त सैंपल का अध्ययन करने के बाद वास्तविक रिपोर्ट मंगलवार दोपहर तक आएगी।
I
I
I
I
I
Iवर्षएक्यूआई
I
I

I
I2022-247
I
I2021-348
I
I

I
I
I
Iइस बार शहर में एक्यूआई
I
I

I
I-घंटा घर 414
I
I

I
I-रेसकोर्स रोड-455
I
I-ओएनजीसी चौक- 414
I
I

I
I-तहसील चौक- 417
I
I-
I
I
I
Iएक्यूआई बढ़ने से फेफड़ों को पहुंचता है नुकसान
I
Iवैज्ञानिकों के अनुसार, अगर एक्यूआई 50 तक है तो खुली हवा में सांस लेना सुरक्षित है। इससे ज्यादा होने का मतलब हवा में प्रदूषण है। एक्यूआई बढ़ने पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह कण सांस के अलावा त्वचा रोग, आंखों में जलन, पानी आना, खुजली, जैसी समस्या उत्पन्न करते हैं।
विज्ञापन

I
I
I
Iप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट मंगलवार दोपहर तक आएगी। बोर्ड के डिजिटल स्क्रीन वाले क्षेत्रों में अधिकतम 272 एक्यूआई दर्ज किया गया है। विस्तृत रिपोर्ट आने पर अधिक जानकारी मिल पाएगी।
I
I

I
I-सुशांत पटनायक, सदस्य सचिव, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें