फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर ही 'खा' रहे हैं मरीजों की दवा

Sat, 28 Dec 2013 10:18 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी देहरादून के दून महिला चिकित्सालय में लोकल परचेज के मद में रोगियों के लिए खरीदी जानी वाली दवाएं डॉक्टर और स्टाफ मिलकर खा ले रहा है।
विज्ञापन


मरीजों को अस्पताल से आयरन, कैल्शियम और एक-दो एंटी बायटिक मिल जाती हैं, बाकी दवाएं वे बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदा करती हैं।

दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती है
फार्मासिस्टों के मुताबिक महिला चिकित्सालय में महीने में 12-13 हजार रुपए की दवाओं की लोकल परचेज होती है। लोकल परचेज की दवाएं अस्पताल के डाक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ और कर्मचारी खाते हैं।

अस्पताल प्रबंधन कभी-कभार इक्का-दुक्का मरीज के लिए लोकल परचेज करवाता है। जो दवाएं अस्पताल में होती हैं, वे मरीज को मिल जाती हैं, बाकी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती है।
विज्ञापन


अस्पताल में भरती मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि कुछ दवाएं अस्पताल में मिल जाती हैं और कुछ बाहर से खरीदनी पड़ती है। सारी दवाएं अस्पताल से नहीं मिल पाती हैं।
विज्ञापन


इस संबंध में अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. चंद्रा पंत का कहना है कि वे अभी नई आई हैं। पूरी डीटेल उन्हें पता नहीं है।

अस्पताल की निवर्तमान सीएमएस डा. अर्चना श्रीवास्तव का कहना था कि मरीजों को दवाएं अस्पताल से मिल जाती हैं। उन्हें लोकल परचेज की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर, कर्मचारियों के लिए लोकल परचेज होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें