फेल होने वाले दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने एनॉटमी के प्रोफेसर एसके अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि न केवल प्रो. अग्रवाल ने उन्हें जानबूझकर फेल किया बल्कि वह छात्र-छात्राओं से बहुत गलत व्यवहार भी करते हैं। उधर, प्रो. अग्रवाल ने आरोपों को गलत बताते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है।
लगातार दूसरे दिन धरने पर बैठे दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने एचएनबी मेडिकल विवि से शिकायत की। शिकायत में उन्होंने एनॉटमी के प्रोफेसर एसके अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रोफेसर के सामने कोई सिर ऊपर उठाकर बात नहीं कर सकता है। अगर करता है तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि प्रो. अग्रवाल छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
कई छात्रों ने तो यह भी आरोप लगाया है कि गुस्से में प्रो. अग्रवाल बोलते हैं कि अगर नहीं पढ़ सकते तो छत से कूद जाओ। उन्होंने प्रो. अग्रवाल पर जाति विशेष को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है। मंगलवार को भी देर रात तक बैठे छात्र-छात्राएं मांग कर रहे थे कि उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। उनके साथ सीनियर बैच के छात्र भी आंदोलन में शामिल हो गए। उनका कहना था कि वह भी प्रो. अग्रवाल की मनमानी का शिकार हो चुके हैं। वहीं अधिकारियों के समझाने के बावजूद छात्र देर रात तक धरने पर डेट रहे। देर रात तक छात्रों को मनाने की कोशिश जारी थी।
मेरे खिलाफ हो रही साजिश : प्रो. एसके अग्रवाल
मैं इतने वर्षों से पढ़ा रहा हूं। मेरा नाम बच्चों को फेल करने से नहीं, उनके आगे बढ़ने से ऊंचा होता है। मुझे उन्हें फेल करने से क्या लाभ होगा? मेरी आंखों का ऑपरेशन हुआ है और मैं छुट्टी पर हूं। दो दिन बाद कॉलेज लौट रहा हूं। मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। मैं किसी का नाम नहीं बताऊंगा लेकिन साजिश करने वाले स्टाफ के ही लोग हैं। रही बात प्रैक्टिकल के अंकों की तो इसमें जो भी स्थिति है, वह मैं विवि की जांच समिति के सामने रख दूंगा। मैं कहीं से भी गलत नहीं हूं। मुझे सभी बच्चे शिष्य के तौर पर प्यारे हैं।