दून मेडिकल कॉलेज के निर्माण की टाइमलाइन तो पूरी हो गई, लेकिन अभी तक उसके मुताबिक काम अधूरा है।
कॉलेज का लेक्चर हॉल तैयार होने में कई दिन का समय लगेगा। हालांकि लाइब्रेरी लगभग तैयार है। बुधवार को कॉलेज का नया गेट भी लगा दिया गया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में निर्माणाधीन दून मेडिकल कॉलेज का मुआयना करते हुए फर्स्ट लेटर ऑफ परमीशन (एलओपी) के हिसाब से कॉलेज तैयार होने के लिए कार्यदायी संस्था को 20 दिसंबर का समय दिया था।
इसमें लेक्चर हॉल, लाइब्रेरी और गर्ल्स व ब्वॉयज हॉस्टल का टारगेट शामिल है। कॉलेज में फिलहाल दो लेक्चर थियेटर तैयार होने हैं, जिनमें से एक भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। कॉलेज की लाइब्रेरी का काम पूरा हो चुका है, केवल सीटिंग अरेंजमेंट बचा है। कॉलेज में बुधवार को मुख्य गेट लगा दिया गया है, सजावट का काम बाकी है।
परिसर के बीच की सड़क का निर्माण शुरू हुआ है, लेकिन पूरा होने में कम से कम दस दिन लगेंगे। ब्वॉयज व गर्ल्स हॉस्टल की फिनिशिंग भी नहीं हो पाई है। अनुमान के मुताबिक अभी फर्स्ट एलओपी तक का काम पूरा होने में कम से कम 20 दिन का वक्त लगेगा।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। फर्नीचर का ऑर्डर दे दिया गया है। फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। जनवरी के प्रथम सप्ताह तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी।
26 से 28 तक इंटरव्यू
दून मेडिकल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 26, 27 और 28 को सबसे ज्यादा इंटरव्यू करने की योजना बनाई है।
इसके तहत दून मेडिकल कॉलेज के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्ती की जाएगी। सरकार की योजना है कि जनवरी में जब भी एमसीआई की टीम आएगी तो वह उससे पहले ही तैयारियां पूरी कर लेंगे।
दून हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज के हवाले
दून मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के मामले में एक और अध्याय जुड़ गया है। दून हॉस्पिटल और दून महिला हॉस्पिटल अब दून मेडिकल कॉलेज के अधीन होगा। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच के मतभेद खत्म होने के बाद बुधवार को शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि दोनों हॉस्पिटल में स्टाफ स्वास्थ्य विभाग का ही कार्यरत रहेगा, लेकिन इसकी प्रशासनिक जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास होगी। लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग दोनों हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज में शामिल करने पर खींचतान चल रही थी।