उत्तराखंड राज्यपाल डॉ. केके पाल ने राजभवन में छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत की स्मृति में डाक टिकट जारी किया।
बुधवार को इस मौके पर बताया गया कि राज्य गठन के बाद किसी साहित्यकार की स्मृति में पहली बार डाक टिकट जारी हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि किसी साहित्यकार की तपस्या को सम्मान देना समाज का दायित्व बनता है।
सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली कौसानी को साहित्यकारों की साधना स्थली ‘राइटर्स एंड पोएट्स रिट्रीट के रूप में विकसित किया जाए। ‘स्मारक डाक टिकट’ जारी करने को राज्यपाल ने महान छायावादी कवि के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि बताया।
डाक टिकट का प्रस्ताव एवं डिजाइन (परिकल्पना) राज्यपाल ने स्वयं तैयार कराई थी। टिकट में पंत जी के फोटो के बैकग्राउंड में कौसानी के प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाया गया है। उन्होंने ‘अल्मोड़ा का बसंत’ की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए प्रकृति, प्रेम और पर्यावरण के प्रति पंत जी के जुड़ाव को उजागर किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी लोगों का आहवान किया।
उन्होंने बताया कि आईआईटी ने अपना कुलगीत ‘जयति-जयति विद्या संस्थान’ पंत जी की कविता से ही चुना है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल थे। इस मौके पर पंत जी की दत्तक पुत्री सुमिता पंत ने ‘मेरी बेटी सुमिता’ कविता पढ़ी। कार्यक्रम में चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उदय कृष्ण, विधायक गणेश जोशी आदि रहे।