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दून महिला अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला, डीएनए के बाद सामने आया ममता का कड़वा सच

Fri, 19 Apr 2019 10:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : dailystar.co.uk
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दून महिला अस्पताल में बच्चा बदले जाने के मामले का पटाक्षेप हो गया है। डीएनए जांच रिपोर्ट में यह साबित हो गया है कि बच्ची जिसके पास है वहीं उसकी मां है। पुलिस शुक्रवार को दोनों परिवारों को बुलाकर डीएनए रिपोर्ट सौंपेगी।

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उल्लेखनीय है कि दून महिला अस्पताल में पांच मार्च की सुबह एक ही नाम की दो महिलाओं का प्रसव हुआ था। जिनमें अनिल की पत्नी आरती ने सुबह 9.20 बजे पुत्र को जन्म दिया था। वहीं डोभालवाला निवासी उमेश शाह की पत्नी आरती ने 9.50 बजे लड़की को जन्म दिया था। बच्ची की हालत नाजुक होने के चलते नर्स ने उसे निक्कू वार्ड में भर्ती करा दिया था।

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शाह दंपति ने धारा चौकी पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तहरीर भी दी

शाम को शाह दंपति बच्चा लेने पहुंची तो उन्होंने लड़की देखकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि अस्पताल कर्मियों ने साठगांठ कर उनका बच्चा बदल दिया है। सुबह उन्हें बेटा होना बताया गया था। शाह दंपति ने धारा चौकी पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तहरीर भी दे दी।

विवाद ज्यादा बढ़ने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने हस्तक्षेप कर पुलिस को न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद डीएनए टेस्ट कराने के लिए दोनों नवजातों और उनके माता-पिता के सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक जांच लैब (एफएएल) भेजे गए थे।

डीएनए रिपोर्ट से सच साबित हो गया

गुरुवार को आई डीएनए रिपोर्ट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। डीएनए रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि बच्ची उमेश शाह और उनकी पत्नी आरती की है। जबकि बेटा अनिल की पत्नी आरती का है। दोनों बच्चे पहले से ही अपने असली माता-पिता के पास हैं। 

डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह बात साफ हो गई कि अस्पताल में बच्चों की अदला-बदली का आरोप निराधार है। दोनों बच्चे पहले से ही अपने अभिभावकों के पास हैं। बच्ची शाह दंपति की है। शुक्रवार को दोनों परिवारों को बुलाकर डीएनए रिपोर्ट से अवगत करा दिया जाएगा।
- श्वेता चौबे, पुलिस अधीक्षक नगर
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36 घंटे तक नहीं पिलाया था नवजात को दूध 

अस्पताल में परिजनों ने बच्चा बदलने की आशंका को लेकर महिला ने बच्ची को करीब 36 घंटे तक दूध नहीं पिलाया था। महिला का कहना था कि उन्होंने जब बेटे को जन्म दिया है तो वह दूसरे की बेटी को दूध क्यों पिलाए। बाद में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने अस्पताल परिसर पहुंचकर बच्ची को दूध पिलाने के निर्देश दिए थे।

अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट में भी नहीं बदले गए थे बच्चे
बच्चा बदलने के आरोप के मामले में अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट पहले आ चुकी है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि एमएस डॉ. केके टम्टा को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। 17 मार्च को आई जांच रिपोर्ट में बच्चा बदलने जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। डोभालवाला निवासी उमेश शाह की पत्नी आरती ने ही बेटी को जन्म दिया था।
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