फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बार काउंसिल ने बहाल की दून बार एसोसिएशन की संबद्धता

Fri, 23 Sep 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
Bar Association - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने दून बार एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों की सूची एवं एसोसिएशन के चुनाव संबंधी जानकारी न देने पर दून बार एसोसिएशन की संबद्धता समाप्त कर दी थी, जिसे बृहस्पतिवार को बहाल कर दिया गया है। उत्तराखंड के महाधिवक्ता वीवीएस नेगी ने कहा कि दून बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि आफिस की गलती से काउंसिल का उनको मिला पत्र गुम हो गया था, जिसकी वजह से उन्होंने काउंसिल को जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन


मामले का संज्ञान लेते हुए एसोसिएशन की संबद्धता बहाल कर दी गई है। सात मई 2016 को दून बार एसोसिएशन की संबद्धता समाप्त कर दी गई थी।

बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने अप्रैल 2016 को दून बार एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों की सूची एवं एसोसिएशन के चुनाव संबंधी जानकारी मांगी थी, लेकिन दून बार एसोसिएशन की ओर से बार काउंसिल के पत्र का जवाब नहीं दिया गया। इस पर बार काउंसिल ने एसोसिएशन की संबद्धता समाप्त कर दी। एक अप्रैल 2016 को बार काउंसिल ने एसोसिएशन को पत्र लिखकर जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया था।

दून बार एसोसिएशन की संबद्धता समाप्त होने पर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल की ओर से बार काउंसिल की विशेष कमेटी के सामने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई। इस पर बार काउंसिल के चेयरमैन की ओर से अग्रिम आदेशों तक के लिए संबद्धता को बहाल किया गया था। वहीं एसोसिएशन से मामले में जवाब मांगा गया था।
विज्ञापन


दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने खुद समिति के सामने उपस्थित होकर अपने जवाब में कहा कि कार्यालय की गलती से बार काउंसिल का पत्र गुम हो गया था, जिसकी वजह से एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों की सूची एवं एसोसिएशन के चुनाव संबंधी जानकारी नहीं दी गई।

महाधिवक्ता ने दून बार एसोसिएशन की संबद्धता बहाली के आदेश कर दिए हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए दून बार एसोसिएशन के खिलाफ जो शिकायत मिली है, नैनीताल में 25 सितंबर को उस पर सुनवाई होगी।
विज्ञापन

-विजय सिंह, सचिव बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें