400 करोड़ की लागत से बनाया गया बड़ा टर्मिनल
70 के दशक में बिरला द्वारा बनाई गई छोटी सी हवाई पट्टी को विकसित कर 2006-07 में देहरादून एयरपोर्ट का रूप दिया गया था। उस वक्त एटीसी, मौसम विभाग आदि की नई बिल्डिंग बनाई गई थी। तब टर्मिनल एक छोटे से भवन में संचालित किया जाता था।
2010 में करीब 30 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया था। पैसेंजर बढ़ने के बाद करीब 400 करोड़ की लागत से बड़ा टर्मिनल बनाया गया। इसी टर्मिनल भवन में 2024 से एयरपोर्ट संचालित किया जा रहा है। इसकी क्षमता पीक ऑवर में 3240 पैसेंजर तक की है, जबकि पुराने टर्मिनल में सिर्फ डेढ़ सौ पैसेंजर ही हैंडल किए जा सकते थे।
- देहरादून एयरपोर्ट पर नई एटीसी बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे मौजूदा एयर स्पेस में ही और अधिक विमानों की आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं फ्लाइटों के संचालन में विलंब भी कम होगा। - भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक