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रात को ‘शिकार’ पर निकल रहे कुत्ते

Sun, 04 Aug 2013 05:20 PM IST
देहरादून/अंकित चौधरी
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मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो राजधानी की अधिकांश सड़कों, गलियों में रात के वक्त आवारा कुत्तों का आतंक कायम हो जाता है। कोई दोपहिया वाहन चालक इन गलियों से निकल जाए तो कुत्तों के झुंड उसे शिकार की तर्ज पर दौड़ा देते हैं।
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आलम यह है कि शहर में पिछले तीन माह में 68 लोगों को रात के वक्त दोपहिया वाहन पर जाते हुए कुत्ते काट चुके हैं। यही नहीं, इस अवधि में 50 से ज्यादा लोग कुत्तों से बचने की कोशिश में वाहन भगाने या अचानक मोड़ने के कारण फिसलकर चोटिल हुए हैं।

हैरत की बात यह है कि हर रोज इस बाबत शिकायत आने के बावजूद नगर निगम ने अब तक आवारा कुत्तों का आतंक खत्म करने की पहल नहीं की है।

‘चीता’ भी जता चुके परेशानी
आम जनता ही नहीं, आवारा कुत्तों से चीता पुलिसकर्मी भी परेशान हैं। रात के वक्त सड़कों, मोहल्लों की निगहबानी करने वाले चीता पुलिसकर्मी इस संबंध में कुछ समय पूर्व एसएसपी केवल खुराना से शिकायत कर चुके हैं। पुलिस विभाग से यह शिकायत निगम को भेजी गई है।
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..तो कौन संभाले इन्हें
दो साल पहले नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन पीएफए सचिव गौरी मौलखी ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई रोक दी थी।

इसके बाद से निगम ने अभियान नहीं चलाया है। ऐसे में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि, निगम कई बार कुत्तों को शहर से बाहर छोड़ चुका है लेकिन वे हर बार लौट आते हैं।

यहां है कुत्तों का आतंक
शक्ति विहार, माजरा एमडीडीए कालोनी डालनवाला, दिलाराम चौक, कैनाल रोड, पटेलनगर, ब्रह्मपुरी, ब्राह्मणवाला, राजेंद्र नगर, दीपलोक कालोनी, हरिद्वार रोड, गुरु रोड, पार्क रोड, चंदर नगर, बंजरावाला रोड, चुक्खूवाला, खुड़बुड़ा, नेशविला रोड, अधोईवाला, नालापानी रोड, सहस्रधारा रोड आदि जगहों पर कुत्तो का आंतक बना हुआ है।

बढ़ जाता है रैबीज का खतरा
सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों के टीकाकरण की कोई व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में वे जानलेवा रोग रैबीज का सबब बन जाते हैं। रैबीज खतरनाक वायरल संक्रमण है जो नर्वस सिस्टम पर असर डालता है।

कुत्ते के काटने से रैबीज का विषाणु जख्म से शरीर में प्रवेश कर दिमाग तक पहुंच जाता है, जिससे दिमाग में सूजन आ जाती है। यह रोगी की जान ले सकता है। हालांकि, सावधानी और शुरुआती स्तर से ही इलाज कराने पर जान बचाई जा सकती है।

ऐसे करें उपचार
कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत अच्छी तरह धोकर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं। घाव धोने से 80 प्रतिशत जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। डाक्टर की सलाह पर 24 घंटे के भीतर पहला एंटी रैबीज इंजेक्शन जरूर लगवाएं। घाव पर पट्टी नहीं लगानी चाहिए। इसके अलावा घरेलू नुस्खों, मसलन घाव पर मिर्च आदि बिल्कुल न लगाएं।

इनकी भी सुनिएः
हम आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए फिर अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार पहले कानूनी अनुमति ली जाएगी। इस काम को मुख्य नगर चिकित्सा अधिकारी संभालेंगे।
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-हर्षवर्धन मिश्रा, एएमएनए
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