महिला हिंसा के प्रति स्कूलों में सिर्फ शपथ दिलाने से काम नहीं चलने वाला है यह बात महिलाओं से जुड़े महकमों को समझ में आ गई है।
यही कारण है कि उत्तराखंड बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण विभाग, महिला सशक्तीकरण की ब्रांड अंबेसडर और तेजाब पीड़िता कविता बिष्ट पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने जा रहा है। कविता पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री को स्कूली छात्रों को दिखाकर उनको महिला हिंसा के प्रति आवाज उठाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
महिलाओं के लिए नई मिसाल पेश करने वाली कविता बिष्ट को एक सप्ताह पहले ही महिला सशक्तीकरण का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। अब विभाग इसको लेकर भविष्य की योजना भी बनाने में लगा है। जल्द ही कविता को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी, जिसमें कविता अपनी कहानी बयां करेंगी।
इस कहानी को ब्वॉयज कॉलेज में दिखाया जाएगा, ताकि लड़कों में भावुकता पैदा हो। वह यह समझ सकें कि किसी महिला या लड़की पर जब एसिड अटैक होता है तो उसकी क्या स्थिति होती है।
इसके लिए कविता को भी विद्यालयों में ले जाया जाएगा। उनको एक प्रेरणा के तौर पर युवाओं के सामने लाया जाएगा। वैसे इस समय कविता खुद भी घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद कर रही हैं। कहीं भी इस तरह की सूचना मिलने पर वह वहां पहुंचकर पीड़ित के घरवालों को समझाने का प्रयास करती हैं।