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पहाड़ के अस्पतालों के लिए डॉक्टरों के तबादले

Thu, 20 Nov 2014 04:10 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून स्थित सचिवालय से चले सात डॉक्टरों के तबादला आदेश आखिरकार ग्यारह दिन बाद दून अस्पताल पहुंच गए।
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अस्पताल से सात डॉक्टरों के तबादले किए गए हैं। इनमें एक रेडियोलाजिस्ट डॉ. यतिंद्र को दो माह तक अटैचमेंट पर रोका गया है। 31 अक्तूबर को 108 डॉक्टरों के संयुक्त निदेशक पद पर प्रमोशन हुए थे। नई नीति के तहत प्रमोशन पाने वाले डॉक्टरों के ट्रांसफर भी होने थे।

11 डॉक्टरों का संयुक्त निदेशक पद पर प्रमोशन
इसके तहत दून अस्पताल के कुल 11 डॉक्टरों का संयुक्त निदेशक पद पर प्रमोशन हुआ। इनमें चार ने मेडिकल के आधार पर तबादले रुकवा लिए।

बाकी के ट्रांसफर ऑर्डर 31 अक्तूबर को शासन से महानिदेशालय को जारी हुए। महानिदेशालय से दून अस्पताल तक आदेश पहुंचने में दस दिन से ज्यादा का समय लग गया।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि दून अस्पताल से एनेस्थेटिक डॉ. मनू जैन का उत्तरकाशी, रेडियोलाजिस्ट डॉ. यतिंद्र श्रीनगर, डॉ. मनोज उप्रेती हरिद्वार, पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुषमा जोशी पौड़ी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति पाठक हरिद्वार, सर्जन डॉ. महेश भट्ट पौड़ी, डॉ. आरसीएस रावत मसूरी ट्रांसफर हुए हैं।
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रेडियोलॉजिस्ट डॉ. यतिंद्र बुधवार को नवीन तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने के बाद दो महीने के लिए अटैचमेंट पर वापस दून अस्पताल आ जाएंगे। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि डॉ. यतींद्र को रिलीव कर दिया गया है। बाकी डॉक्टरों को बुधवार को रिलीव किया जाएगा।

उठे विरोध के सुर
तबादला आदेश पहुंचने के बाद डॉक्टरों में विरोध के सुर उठने लगे हैं। कुछ ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है। तर्क है कि जिन चार डॉक्टरों के मेडिकल आधार पर तबादले रुके हैं, उन्होंने कुछ दिन बाद खुद आदेश लाकर अस्पताल में दोबारा ज्वाइन कर लिया।

बाकी आदेश पहुंचने में देरी क्यों की गई? कई के मुताबिक अगर ये डॉक्टर पहाड़ों में काम नहीं कर सकते तो तबादला नीति पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए उन्हें दूसरे मैदानी जिलों में ट्रांसफर किया जा सकता था।

इन्हें दून अस्पताल में ही दोबारा पोस्टिंग देने से गलत परंपरा पड़ेगी। रेडियोलॉजिस्ट अटैचमेंट करने के बजाय दूसरी जगह से रेडियोलॉजिस्ट भेजे जा सकते थे।

सर्जरी में आ सकती है दिक्कत
प्रेमनगर संयुक्त अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट के ट्रांसफर से सर्जरी में दिक्कत आ सकती है। प्रेमनगर अस्पताल से भी संयुक्त निदेशक बने पांच डॉक्टरों के तबादले हुए हैं। इनमें चार डॉक्टर रिलीव हो चुके हैं।
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एक एनेस्थेटिस्ट डॉ. खगेंद्र को फिलहाल रिलीव नहीं किया गया है। शासन से मिले आदेश के मुताबिक, एक-दो दिन में उन्हें भी अनिवार्य रूप से रिलीव करना होगा। इससे अस्पताल में गभर्वती महिलाओं की सर्जरी और अन्य ऑपरेशन में दिक्कत आनी तय है।
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