जसपुर (उधमसिंह नगर) में डॉ. एसके सिंह की हत्या के विरोध में सरकारी डॉक्टर बृहस्पतिवार को पूरे उत्तराखंड में ओपीडी बहिष्कार पर हैं।
देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय समेत सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर ओपीडी बहिष्कार कर रहे हैं। दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में प्रशासन के दावों के विपरीत फैकल्टी डॉक्टरों ने भी ओपीडी में ड्यूटी नहीं की। डॉक्टर बैठक आयोजित कर अगली रणनीति बना रहे हैं।
उधर, सीएचसी विकासनगर में ओपीडी डॉक्टरों के बहिष्कार से इलाज के लिए आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ा। सीएचसी सहसपुरए चकराता में भी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। सीएचसी विकासनगर पछवादून और जौनसार बावर के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार है।
डॉक्टरों ने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं, प्राइवेट डॉक्टरों की संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी घटना पर खेद जताते हुए हत्यारों की की गिरफ्तारी की मांग की है।
आईएमए की जसपुर ब्रांच गुरुवार को ओपीडी बहिष्कार कर रही है और बाकी जगह डॉक्टर काला फीता बांधकर ड्यूटी कर रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह की बुधवार को ओपीडी में गोली मारकर हत्या की सूचना मिलते ही देहरादून में भी डॉक्टर सन्न रह गए।
प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) की डोईवाला में आपात बैठक बुलाई। साथी डॉक्टर की असमय मौत पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ड्यूटी में दिनदहाड़े अस्पताल में डॉक्टर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई और हत्यारे फरार भी हो गए।