डॉ. लता ने परिजनों को बताया कि गर्भ से मृत बच्चे को निकालना होगा वरना महिला के लिए खतरा हो सकता है। उन्होंने परिजनों को खून का इंतजाम करने की बात कही। इसी बीच परिजन परदेशी को इलाज कराने के बजाय डिस्चार्ज की बात करने लगे।
डॉ. लता के मुताबिक डिस्चार्ज कराने का कारण पूछा तो परिजनों ने अस्पताल में अच्छा इलाज नहीं होने की बात कही। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। डॉ. लता का आरोप है कि परिजनाें ने उसके साथ मारपीट की और बीचबचाव करने पहुंची स्टाफ नर्स, महिला कर्मचारियों, महिला सुरक्षाकर्मी के साथ भी मारपीट की। अस्पताल में मारपीट की जानकारी मिलते ही शहर कोतवाल शिशुपाल नेगी पुलिसकर्मियाें के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
घटना के बाद परिजन परदेशी को निजी अस्पताल ले गए। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। वहीं डॉ. लता की ओर से घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है। जहां एक तरफ डॉक्टर, स्टाफ नर्स का कहना है कि उनके साथ मारपीट की गई, वहीं परिजनों का कहना है कि उनके साथ ही मारपीट की गई। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।