उत्तराखंड के काशीपुर के सीएमएस पर हुई विजिलेंस कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। शनिवार को डॉक्टरों ने सीएमएस को साजिशन फंसाने का आरोप लगाते हुए सोमवार से प्रदेश भर में ओपीडी के बहिष्कार का ऐलान किया है।
स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य महानिदेशक को इस बावत सूचना दी गई है। काशीपुर के सीएमएस डॉ. बीडी जोशी प्रकरण पर प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) की प्रदेश कार्यकारिणी की शनिवार दोपहर दून अस्पताल के सभागार में आपात बैठक हुई।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बीएस जंगपांगी और महासचिव ने डा. एसके गोस्वामी ने कार्यकारिणी से सुझाव लिए। डॉक्टरों ने कहा डॉ. जोशी की रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ के पूर्व महासचिव डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि सरकार को हस्तक्षेप करते हुए डॉ. जोशी पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लेना चाहिए।
प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर साजिश में शामिल लोग दंडित हों। संघ ने डॉ. जोशी की तत्काल रिहाई, पूरे प्रकरण की विभागीय जांच, साजिशकर्ताओं को कठोर दंड देने और राजपत्रित अवकाश के दिन भी डाक्टरों से ओपीडी में काम कराने का औचित्य स्पष्ट करने की मांग की है।
स्वास्थ्य मंत्री से पूछा है कि प्रदेश में कार्यरत चिकित्साधिकारी ओपीडी के अतिरिक्त समय में वीआईपी और आकस्मिक मरीजों की जांच करें या नहीं? इस पर दो हफ्ते के भीतर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने की मांग की गई है। बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. जेपी देवशाली, डॉ. आरएस असवाल, डॉ. एनएस खत्री, डॉ. डीपी जोशी शामिल हुए।