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मिर्गी के शर्तिया इलाज के नाम पर नशीली दवाएं देने के आरोपी डॉक्टर समेत 15 बरी

Sun, 18 Feb 2018 01:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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डॉ. आरके गुप्ता
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मिर्गी के शर्तिया इलाज के नाम पर मरीजों को नशीली दवाएं देने के आरोप में डॉ.आरके गुप्ता समेत 15 आरोपियों को शनिवार को बरी कर दिया गया।

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सीजेएम कोर्ट के सजा के फैसले को डॉ.गुप्ता समेत अन्य आरोपियों ने एडीजे की अदालत में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को सजा के लिए पर्याप्त नहीं माना है।
ऋषिकेश स्थित नीरज क्लीनिक के डाक्टर आरके गुप्ता 2004 में कानूनी जकड़न में आए थे।

राज्य औषधि नियंत्रक की टीम को छापेमारी के दौरान उनके क्लीनिक से नशीली दवाएं मिली थीं। आरोप था कि मरीजों को नशीली दवाओं का सेवन कराया जा रहा है। उस समय कुछ लोगों ने डॉ.गुप्ता को छुड़ाने के लिए ऋषिकेश कोतवाली पर पत्थरबाजी भी की थी। इस मामले में डॉ.गुप्ता समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 20 दिसंबर 2017 को सुनवाई के बाद डॉ.गुप्ता समेत 15 आरोपियों को सजा सुनाई थी। डॉ.गुप्ता को पांच साल के कारावास और जुर्माने की सजा हुई थी। अगले दिन डॉ.गुप्ता को जमानत मिल गई थी।
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इन आरोपियों को किया गया बरी
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रुपिंदर सिंह ने बताया कि डॉ.आरके गुप्ता समेत अन्य लोगों ने सजा के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। शनिवार को एडीजे पंचम के न्यायाधीश विनोद कुमार ने डॉ.गुप्ता के साथ पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, स्नेहलता, अनीता वशिष्ठ, कविता शाह, कृष्ण कुमार, जय दत्त शर्मा, रवि कुमार जैन, अशोक अश्क, प्यारेलाल जुगरान, अरविंद शाह, डीएस रावत, राजकुमार अग्रवाल, राहुल शर्मा और यशपाल पंवार को बरी कर दिया।

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