सिविल अस्पताल में मंगलवार को पानी के लाले पड़ गए। ओटी और लेबर रूम तक में पानी उपलब्ध नहीं हो सका। समस्या के कारण चिकित्सकों ने पहले से तय आपरेशन भी टाल दिए। इससे मरीजों और तीमारदारों के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की भी फजीहत हुई।
सिविल अस्पताल रुड़की में पिछले दो-तीन दिन से पानी की दिक्कत चल रही थी। मंगलवार को पानी की आपूर्ति ठप हो गई। इससे अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सुबह आपरेशन के लिए ओटी में पहुंचे चिकित्सकों को भी पानी उपलब्ध नहीं हो सका।
मजबूरन उन्होंने पानी के अभाव में आपेरशन को स्थगित कर दिया। वहीं लेबर रूम में पानी उपलब्ध नहीं होने से महिलाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ा। पहले से निर्धारित आपरेशन नहीं होने से दूरदराज से पहुंचे मरीजों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में सिविल अस्पताल के सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि पानी की पाइप लाइन चोक होने के कारण ओटी और आपरेशन थियेटर में पानी नहीं आ रहा है, जिसके लिए कर्मियों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए लेबर रूम में ड्रम रखवा दिया गया है, लेकिन बिना नल के आपरेशन से संक्रमण का खतरा रहता है। यही कारण है कि आपरेशन नहीं हो सके।
ओआरएस पहुंचा अब एंटी रेबीज वैक्सीन का इंतजार
जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार की सुबह सिविल अस्पताल में ओआरएस की खरीदारी की गई। इससे उल्टी दस्त वाले मरीजों को कुछ राहत मिली। वहीं महीनों से खत्म एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए अभी मरीजों को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
सिविल अस्पताल में महीनों से एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य महानिदेशालय की हीलाहवाली से आमजन की मुश्किलें बढ़ रही है। निशुल्क लगने वाले इंजेक्शन के लिए लोगों को तीन सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
वहीं स्थानीय अस्पताल प्रबंधन की ओर से महानिदेशालय स्तर से खरीदारी की बात की जा रही है, जबकि डीजी की ओर से स्थानीय स्तर पर ही खरीदारी का हवाला दिया जा रहा है। इसके लिए अस्पताल में पिछले एक माह से ओआरएस का भी टोटा बना हुआ था। हाल ही में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
अमर उजाला की ओर से बीते रोज यह समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखने पर उन्होंने अस्पताल में एकत्र हुए यूजर चार्जेज से आवश्यक दवाएं खरीदने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंगलवार की सुबह ही स्थानीय स्तर पर ओआरएस की खरीदारी की गई, हालांकि एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए अभी जरूरतमंदों को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
फिर जवाब दे गई सिटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे मशीन
सिविल अस्पताल में मरीजों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां महिला और अन्य चिकित्सकों की कमी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं तीन दिन से सिटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे मशीन भी ठप हो गई है। इससे जांच कराने आ रहे मरीजों और तीमारदारों को बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है।
सिविल अस्पताल में इन दिनों तीनों महिला चिकित्सक छुट्टी पर हैं, वहीं अन्य चिकित्सकों का भी टोटा बना हुआ है। दूसरी ओर अस्पताल में करोड़ों की लागत से लगी सिटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे मशीन भी ठप पड़ी है। ऐसे में जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में लगी डिजिटल एक्सरे और सिटी स्कैन मशीन तीन दिन से ठप पड़ी है।
ऐसे में यहां तैनात दो टेकभनीशियन और अन्य स्टाफ टाइम पास कर रहे हैं। इस संबंध में सीएमएस डा. संजय कंसल का कहना है कि तकनीकी खराबी से दो मशीनें काम नहीं कर रही है। इसके लिए संबंधित कंपनी में शिकायत दर्ज कराई गई है। उम्मीद है कि एक दो दिन में दोनों ही मशीनें सुचारु हो सकेंगे। वहीं तीनों महिला चिकित्सकों की अनुपस्थिति के संबंध में उनका कहना है कि बहादराबाद में संविदा पर तैनात महिला चिकित्सक को फिलहाल रुड़की अस्पताल से संबद्ध किया गया है, जिससे महिला मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।