उत्तरकाशी में पशु चिकित्सकों की टीम ने लाखा मंडल क्षेत्र के बड़कोट गांव में एक भैंस का ऑपरेशन कर उसके गर्भ में दस दिन पहले मृत बच्चे को बाहर निकाल कर भैंस की जान बचा ली। चिकित्सकों के इस प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की है।
गर्भ में मर गया था बच्चा
नौगांव प्रखंड के कुवां क्षेत्र से लगे लाखा मंडल के बडकोटी गांव में दो जनवरी को एक भैंस के प्रसव के दौरान भैंस का वाटर बैग तो बाहर निकल आया, लेकिन बच्चा गर्भ में ही मर गया।
इससे भैंस का जीवन भी संकट में पड़ गया था। कुछ दिन घरेलू उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर पशुपालक ने वहां तैनात पशु चिकित्सक डॉ. रेनू चौहान से संपर्क किया।
निःशुल्क ऑपरेशन
डॉक्टर रेनू से स्थिति न संभल पाने पर बड़कोट में तैनात पशु चिकित्सक डा.अमित देवराड़ी एवं राजगढ़ी के डा. मायामित सैनी से संपर्क किया गया।
बीते बृहस्पतिवार को उक्त डॉक्टरों की टीम ने बडकोटी गांव पहुंचकर भैंस का निशुल्क ऑपरेशन किया। उसके गर्भ में मृत बच्चे का शव बाहर निकाल लिया गया।
भैंस की जान को था खतरा
पशु चिकित्सकों ने बताया कि प्रसव के दौरान बच्चेदानी का मुंह न खुल पाने के कारण बच्चा गर्भ में ही मर गया। इससे भैंस की जान को भी खतरा था।
ऑपरेशन के बाद भैंस स्वस्थ है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सकों के इस प्रयास की सराहना की है।