इलाज के लिए बच्ची का मजदूर पिता बेटी को लेकर शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचा। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर जब पनी राम को पता चला कि अस्पताल में जटिल ऑपरेशन करने वाली मशीन ढाई महीने से खराब पड़ी है तो वह मायूस हो गया।
आर्थिक रूप से कमजोर पिता बच्ची को हल्द्वानी ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। पनी राम ने जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुजा नाजिम को अपनी आर्थिक तंगी और गरीबी का हवाला दिया।
पहले तो डॉ. शुजा ने मशीन नहीं होने की बात कहकर ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया, लेकिन मजबूर पिता की बार-बार विनती करते और मासूम का चेहरा देख डॉ. शुजा ने हाथों से ही ऑपरेशन करने का फैसला लिया।
डॉ. शुजा तुरंत बच्ची को लेकर ऑपरेशन थियेटर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची का सफल ऑपरेशन किया। गरीब पिता की आर्थिक तंगी को देख अस्पताल के पीएमएस डा. आरसी पंत ने भी ऑपेरशन का कोई खर्चा नहीं लिया।
डॉ. शुजा ने बताया कि यह मशीन ऑपरेशन के बाद हड्डी ठीक से सेट हुई या नहीं इस बात की सही जानकारी देती है। ऐसे में मशीन न होने पर हड्डी के सेट होने का अंदाजा लगाना कठिन होता है।
ऐसे में ऑपरेशन के दौरान हाथों से ही हड्डी को सेट करना पड़ा। थोड़ा समय जरूर लगा, लेकिन बच्ची के सही होने पर अच्छा महसूस हो रहा है। इधर, बच्ची के पिता ने भावुक होकर डॉक्टर का आभार जताया है।