डॉक्टर राजेश गुप्ता के इकलौते बेटे शिवम (14) का छह फरवरी को बर्थडे था। बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए वह चंपावत से अवकाश लेकर आए थे। उन्होंने खुशी-खुशी बेटे का जन्मदिन मनाया। पत्नी का कहना है कि उन्हें रविवार को ही चंपावत ड्यूटी पर जाना था।
जहां सीखा इलाज करना वहीं तोड़ा दम
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि डॉ. राजेश ने उनकी अधीन 1998 में रहकर इलाज के गुर सीखे थे। वह नियमित डॉक्टर था। यहां से जाने के बाद उसे नगर स्वास्थ्य अधिकारी बनाया गया था। जेल में वह बंदियों का भी इलाज करता था। उसके तनाव के बारे में जानकारी नहीं थी। मौत की जानकारी मिलने पर पत्नी सुचिता और बेटा शिवम रोने लगे।