शनिवार शाम को मेडिकल कॉलेज प्रशासन की जानकारी में आया कि एमबीबीएस बैच 2019 के छात्रों ने रैगिंग की शिकायत की है। कॉलेज प्रशासन द्वारा संबंधित छात्रों को बुलाकर बात की गई तो छात्रों ने बताया कि कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल के एक जूनियर डॉक्टर (जूनियर रेजीडेंट) ने प्रथम वर्ष के एक छात्र को एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की एक छात्रा की फाइल बनाने के लिए दी थी। छात्र ने एक फाइल तो बना दी। दूसरी फाइल बनाने के लिए उसने अपने एक साथी से कहा तो उसने साफ इंकार कर दिया। इसी बात पर शुक्रवार रात 12 बजे जेआर और जूनियर छात्रों का विवाद हो गया।
खुलकर सामने नहीं आ रहे जूनियर छात्र
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रों के हाव भाव बताते हैं कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रथम वर्ष के कक्षा प्रतिनिधि आशुतोष मिश्रा और अक्षित भंडारी ने बताया कि फाइल बनाने को लेकर यह छोटा सा विवाद था। एक सहपाठी को फाइल बनाने को दी गई थी, लेकिन उसने मना कर दिया था, जिस पर विवाद हुआ था। आपस में बैठकर मामला सुलझा लिया गया था, लेकिन यह मामले के तूल पकड़ने से अन्य छात्र डर गए। इनमें से कुछ ने हमारी ओर से शिकायत कर दी। कॉलेज के प्राचार्य भी इसे फाइल बनाने का सामान्य मामला बता रहे हैं। उनका कहना है कि अकसर सीनियर छात्र जूनियर छात्र को फाइल बनाने को दे देते हैं।
वीडियो को रही जांच
कॉलेज प्रशासन को एक वीडियो मैसेज मिला है, जिसमें कुछ छात्रों के चिल्लाने और गाली-गलौच की आवाज आ रही है। प्राचार्य का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि यह वीडियो नया है या पुराना।