पीपीपी मोड पर चल रहे चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर और कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर होंगे।
डॉक्टरों और कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। हालांकि इन अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं संचालित होंगी। राजभ्रा मेडिकेयर कंपनी पीपीपी मोड (निजी जन सहभागिता) के तहत थत्यूड़, नौगांव (टिहरी), साहिया और रायपुर (देहरादून) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन करती है।
डॉक्टरों और कर्मचारियों का एक दिन का कार्य बहिष्कार
पिछले तीन माह से इन स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। दो हफ्ते पहले भी वेतन न मिलने से नाराज रायपुर केंद्र के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने एक दिन का कार्य बहिष्कार किया था। शासन से आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी काम पर आए थे।
उसके बावजूद अब तक वेतन नहीं मिला है। इन केंद्रों में रोजाना करीब एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हड़ताल से हजारों लोगों खासकर गर्भवती महिलाओं को दिक्कत होगी। राजभ्रा कंपनी के प्रबंध निदेशक रजनीश कश्यप ने बताया कि शासन से दो करोड़ 72 लाख रुपए का भुगतान नहीं हुआ है।
ऐसे में अब वेतन दे पाना मुश्किल हो रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. जीएस जोशी ने बताया कि इस बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है। रायपुर केंद्र में हुई अनियमितताओं की जांच पूरी होने तक भुगतान रोका गया है।
फिलहाल जनहित में हड़ताल न किए जाने की अपील की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद भुगतान के बारे में जल्द फैसला करने की कोशिश है।