प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उत्कृष्ट कार्यों के लिए देशभर के जिलाधिकारियों की प्रतियोगिता में मूलरूप से चंपावत निवासी एवं पौड़ी के डीएम चंद्रशेखर भट्ट ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त कर देश में राज्य के साथ ही जिले का भी गौरव बढ़ाया है।
उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी व्यक्त की है। विज्ञान भवन दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी, पलायन रोकने एवं प्रधानमंत्री फसल योजना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए हुई प्रतियोगिता में देशभर के 4800 जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
एक माह तक चली प्रतियोगिता में जिलाधिकारियों के व्यक्तिगत साक्षात्कार एवं वीडीओ कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। हर जिले की प्रगति रिपोर्ट पीएमओ को भेजी गई।
देश के 12 जिलाधिकारी इसमें हुए सफल
देश के 12 जिलाधिकारी इसमें सफल हुए और प्रथम स्थान के लिए 21 अप्रैल को हुए फाइनल में गोमती नगर त्रिपुरा के जिलाधिकारी एवं पौड़ी के जिलाधिकारी को समान अंक मिलने पर लाटरी सिस्टम से परिणाम निकाला गया, इसमें गोमती नगर त्रिपुरा के जिलाधिकारी को प्रथम एवं पौड़ी के जिलाधिकारी भट्ट द्वितीय विजेता घोषित हुए।
चंपावत जिले की पाटी तहसील के निलौटी गांव के रहने वाले चंद्रशेखर भट्ट बचपन से ही कुशाग्रबुद्धि के रहे। वे 1972 में जूनियर हाइस्कूल की परीक्षा में अल्मोड़ा जिले में टॉपर रहे थे और हाइस्कूल की परीक्षा 85 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी। नैनीताल के बिड़ला कॉलेज से इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास करने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विवि से बीएससी एवं एमएससी की।
1986 में वे उत्तर प्रदेश के पीएसीएस अधिकारी बने। वे नरेंद्र नगर, टिहरी गढ़वाल, अलीगढ़, रामपुर, रुद्रपुर, नैनीताल एवं खटीमा में उप जिलाधिकारी रहे और बाद में आईएएस कैडर हासिल किया। अपनी सफलता के लिए वे रोडवेज से रिटायर्ड अपने बड़े भाई पानदेव भट्ट को श्रेय देते हैं।