उत्तरकाशी के जोशियाड़ा बैराज झील के बीच तैरते फ्लोटिंग प्लेटफार्म पर गंगा आरती का आयोजन प्रशासन के लिए फजीहत बन गया। बुधवार रात को दूसरे दिन आयोजन के दौरान कृत्रिम झील का जलस्तर तेजी से कम होने के कारण डीएम समेत करीब 35 लोग नदी के बीच में फंस गए। सभी को बड़ी मशक्कत से रस्सी के सहारे प्लेटफार्म को किनारे खींच कर सुरक्षित निकाला गया।
जोशियाड़ा बैराज झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद के तहत प्रशासन ने बीते मंगलवार को झील के बीच फ्लोटिंग प्लेटफार्म तैयार कर गंगा आरती का आयोजन किया। बुधवार रात को एक बार फिर इसी अंदाज में गंगा आरती का आयोजन किया गया।
इसमें डीएम डा. आशीष चौहान, सीडीओ विनीत कुमार, एसडीएम देवेंद्र नेगी समेत करीब 35 लोग शामिल हुए। देर शाम करीब सात बजे लोगों को राफ्ट की मदद से प्लेटफार्म तक पहुंचाया गया था।
करीब आधा घंटे चली गंगा आरती के बाद जब लोग लौटने लगे, तो झील का जलस्तर काफी कम हो गया। ऐसे में नदी के बीच फंसे प्लेटफार्म तक मोटरबोट पहुंचने की स्थिति नहीं बन पाई। राफ्ट में भी हवा कम होने के कारण इससे भी लोगों को नहीं निकाला जा सका। बाद में भारी मशक्कत कर प्लेटफार्म को रस्सी के सहारे किनारे खींचकर सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया।