खाद्य वितरण प्रणाली के तहत संभागीय खाद्य विभाग ने क्षेत्र के तमाम सस्ता गल्ला विक्रेताओं को सड़ा और फफूंद लगा गेहूं भेज दिया। यह गेहूं जानवरों को खिलाने लायक भी नहीं है।
जब उपभोक्ताओं ने गेहूं लेने से इनकार कर दिया तो विभाग में खलबली मच गई, तत्काल सड़ा गेहूं वापस लेने के आदेश जारी कर दिए गए। डीएम ने मामले की जांच बैठा दी है।
सोमवार को बमेटा बंगर केशव की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन बांटा जा रहा था। इस पर उपभोक्ता भड़क उठे। उन्होंने दुकान पर ही हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग जो गेहूं खरीदकर ले गए थे, वे भी वापस ले आए।
दुकानदार ने उपभोक्ताओं से आरएफसी हल्द्वानी जाकर गेहूं वापस करने की बात कही तो लोगों ने दुकान पर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी विभाग के अफसरों को दी गई। तब उन्होंने गेहूं वापस लेने को कहा।
मौके पर मौजूद उपभोक्ता गोपाल, सीमा आदि का कहना था कि गेहूं इस कदर सड़ा है कि इसे इंसान तो क्या मवेशियों को भी नहीं खिला सकते हैं।