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देहरादून में मीट की बिक्री पर मचेगा घमासान

Sun, 20 Sep 2015 11:01 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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बिना लाइसेंस चल रहे देहरादून नगर निगम के स्लॉटर हाउस के खिलाफ शासन की मंजूरी मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग अब कोर्ट जाने की तैयारी में है।
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दोनों महकमों के बीच लंबे समय से चल रहे इस विवाद का फैसला अब वहीं से होना है। जबकि सरकारी काम और जनहित का हवाला देकर नगर निगम स्लॉटर हाउस का लाइसेंस लेने से इनकार कर रहा है। लिहाजा मीट की बिक्री पर शहर में घमासान मचना तय है।

शहर में पशु कटान के लिए नगर निगम का स्लॉटर हाउस है। यहां से ही शहर की तमाम दुकानों में मांस बिकने के लिए पहुंचता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की नई गाइड लाइन और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार स्लॉटर हाउस के लिए लाइसेंस होना अनिवार्य है।
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जबकि दून के स्लॉटर हाउस का लाइसेंस किसी के पास नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग कई बार नगर निगम को लाइसेंस बनाने को कह चुका। लेकिन, निगम खुद को सरकारी एजेंसी और स्लॉटर हाउस को जनहित में चलाए जाने का दावा करते हुए लाइसेंस लेने से अब तक इंकार ही करता आया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने दिक्कत यह है कि वह निगम की व्यवहारिक समस्या को समझ तो रहा है, लेकिन नियमों से भी बंधा हुआ है। इसलिए विभाग अब नगर निगम को कोर्ट में घसीटने की तैयारी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो नगर निगम के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।

मात्र दो हजार का खर्च
स्लॉटर हाउस का लाइसेंस बनाने का खर्च केवल दो हजार रुपये है। ऐसे में खर्च कोई मुद्दा नहीं है। निगम और विभाग के बीच चल रही नाक की लड़ाई के कारण ही लाइसेंस का मामला लटका हुआ है।
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जिम्मेदारी होगी तय
नगर निगम लाइसेंस बनवाने से इसलिए भी बच रहा है, क्योंकि इसके बाद पूरी जिम्मेदारी उसी की होगी। अभी निगम केवल सुपरविजन करने की बात कहता है। ऐसे में किसी भी दुर्घटना या कोर्ट के मामलों को फिर निगम को ही झेलना पड़ेगा।

यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। न ही खाद्य सुरक्षा विभाग के नोटिस या मुकदमे के संबंध में मुझे कोई जानकारी है।
- विनोद चमोली, मेयर, नगर निगम
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