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BCCI को भेजे ई-मेल पर दून को 12 वां जोन बनाए जाने पर उठे सवाल

Wed, 01 Nov 2017 10:06 AM IST
अभिषेक सिंह/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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BCCI mail
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उत्तराखंड में कार्यरत क्रिकेट एसोसिएशनों के बीच मेल मिलाप की कोशिशों को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है और इसकी चपेट में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की क्रिकेट एसोसिएशन भी आई है।
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मेल के जरिए उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के दिव्य नौटियाल ने निशाना भले ही उत्तराखंड में कार्यरत यूपीसीए के साथ क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) और उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) पर निशाना साधा है, लेकिन उनकी मंशा बीसीसीआई के समक्ष अपनी स्थिति मजबूत करना है।

मालूम हो कि ऐसी ही एक मेल को बीसीसीआई ने संज्ञान में लेते हुए दून को मिले रणजी मैच को लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था। जानकारों की माने तो प्रदेश में मान्यता का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के जरिए ही सुलझेगा, क्योंकि सरकार की ओर से इस दिशा में गंभीरता से काम नहीं हो रहा है।  
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खेल मंत्री ने पिछले दिनों जनता दरबार के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि उनका मुख्य मकसद मान्यता के लिए सभी क्रिकेट एसोसिएशनो को एक करना है। लेकिन उनकी कोशिशों को खेमेबंदी में जुटी एसोसिएशन पूरा नहीं होने दे रही हैं। इसी कड़ी में दिव्य नौटियाल ने बीसीसीआई के विनोद राय, राहुल जौहरी और रत्नाकर सेट्ठी को मेल भेजकर यूपीसीए की अधिकारिक वेबसाइट www.upca.tv का हवाला देते हुए पूछा है कि यूपीसीए ने सीएयू को 12वें जोन के रूप में किस अधिकार के तहत मान्यता दी है, जिसके तहत राज्य अलग होने के बाद भी उनका हस्ताक्षेप उत्तराखंड क्रिकेट में जारी है।

राज्य को मान्यता नहीं मिलने के पीछे भी इसे वजह बताया गया है क्योंकि सीएयू का काम चले जा रहा है। इस बारे में यूपीसीए के सचिव युद्धवीर सिंह का कहना है कि इस बारे में बोर्ड से सवाल पूछे गए हैं तो वही जवाब देगा। वहीं यूसीए के एक लेटरहेड पर  'Under the Aegis of BCCI' लिखे जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। बीसीसीआई के सीओओ रत्नाकर सेट्ठी ने गेंद सीईओ राहुल जौहरी के पाले में डाल दी। जौहरी ने फोन नहीं उठाया। इस बारे में नौटियाल का कहना है कि उन्होंने पहले भी दोनों एसोसिएशनों की ओर हाथ बढ़ाया था, लेकिन दोनों एसोसिएशन अपने आकाओं के कहने पर चल रही हैं। 

आकाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि एक यूपीसीए के साथ बोर्ड में अच्छा खासा रसूख रखने वाले कांग्रेसी नेता हैं, जबकि दूसरी एसोसिएशन पर केंद्र सरकार के एक बड़े नेता का हाथ है। यूसीए के चंद्रकांत आर्य से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं सीएयू क्रिकेट एसोएिशन के पीसी वर्मा ने बताया कि हमें यूपीसीए ने 12वां जोन बनाया हुआ है, इसकी वजह से उत्तराखंड के बच्चों को यूपी की टीम के हर एक ग्रुप में खेलने का मौका मिलता है। इसके अलावा यूपीसीए में महिला चयनकर्ता से लेकर स्कोरर और मैच रेफरी तक हमारे प्रदेश से हैं। 

मैच को लेकर खेल मंत्री को रखा गया अंधेरे में : नौटियाल 
दिव्य नौटियाल ने बताया कि दून से यूपी और महाराष्ट्र के बीच रणजी मैच फिसलने के लिए खेल मंत्री किसी भी स्थिति में जिम्मेदार नहीं है क्योंकि उन्हें अंधेरे में रखकर और उन्हें आगे करके सीएयू के कर्ताधर्ता रणजी मैच लेकर आए, जबकि नियमानुसार यह गलत था। एक तरह से गलत काम की पैरवी खेल मंत्री को अंधेरे में रखकर करवाई गई।
 
दोनों एसोसिएशन ही मान्यता मिलने की राह में रोड़ा : नौटियाल 
यूसीए के सचिव दिव्य नौटियाल ने बताया कि मान्यता मिलने की राह में दोनों ही एसोसिएशन रोड़ा है। 16 अक्तूबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से मान्यता को लेकर बुलाई गई बैठक में भी इन्हीं दोनों एसोसिएशन के कर्ताधर्ताओं ने अड़ंगा डाला था। नौटियाल के अनुसार, बैठक में यूसीए के सचिव चंद्रकांत आर्य ने मुख्यमंत्री, खेलमंत्री और आला अधिकारियों को गुमराह किया। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड क्रिकेट की मान्यता से जुड़े किसी मुकदमे की सुनवाई अब लंबित नहीं है। वहीं सीएयू ने बैठक का मुद्दा मान्यता की बजाय रणजी मैच की ओर मोड़ दिया, जिससे यह बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।
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