चंद्रशेखर चौक पर एक कार पर पत्थर फेंक जाने के बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी स्थिति का जायजा लिया। पूरे इलाके में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बुधवार को रुड़की कोतवाली से महज 20 कदम दूर सिविल लाइंस बाजार स्थित एक दुकान में बने ऑफिस में अलग-अलग संप्रदाय के युगल की मौजूदगी की खबर से हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में उत्तेजना फैल गई।
पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा कुछ कार्यकर्ताओं के साथ शिकायत करने कोतवाली गए। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने दुकान में तोड़फोड़ कर दी और युवकों तथा युवती से मारपीट की भी कोशिश की गई।
आपत्तिजनक हालत में दो युवक और एक युवती
रुड़की के सिविल लाइंस बाजार में एक दुकान के अंदर अलग-अलग समुदाय के दो युवकों और एक युवती के आपत्तिजनक हालत में मिलने के बाद शहर में बवाल हो गया।
युवक के साथ एक अन्य युवक भी था। उत्तेजित लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में दुकान के शीशे तोड़ दिए। युवाओं को पीटने की भी कोशिश की गई। काफी देर तक पुलिस हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं से जूझती रही।
जैसे-तैसे कड़ी सुरक्षा में उन्हें दुकान से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उत्तेजित भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पूरे बाजार में जमकर हंगामा किया।
इलाके में आग की तरह फैल गई खबर
कोतवाली प्रभारीयोगेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा। इसी बीच खबर पूरे इलाके में फैल गई और मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए।
गुस्साए लोग युगल को अपने हवाले करने की मांग कर रहे थे। एसपी देहात अजय सिंह, एसडीएम प्रत्यूष कुमार सिंह और सीओ रेणू लोहानी गंगनहर, मंगलौर और भगवानपुर आदि थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे।
एसपी देहात ने युवाओं को एक ही एक संप्रदाय के बताकर भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर बमुश्किल तीनों को वहां से निकाला।
कोतवाली के बाहर हंगामा शुरू कर दिया
गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों का पीछा कि या तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
इसके बाद भड़के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। यहां भी उनकी अधिकारियों से नोक-झोंक हुई। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर लौटाया।
तभी चंद्रशेखर चौक पर पहुंचकर कुछ कार्यकर्ताओं ने एक स्विफ्ट कार पर पत्थर फेंक दिए। यहां भी पुलिस के साथ उनकी हाथापाई हुई।
इसके बाद एसपी देहात और एसडीएम के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा लिया। डीएम डी सैंथिल पांडियन, एसएसपी सदानंद दाते और एडीएम वित्त हरक सिंह रावत भी यहां पहुंच गए। रात होते ही पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।