पिछले कई माह से कांग्रेस संगठन और सरकार के बीच तल्खी सोमवार को उत्तरी हरिद्वार स्थित राधाकृष्ण धाम में हुई प्रदेश कांग्रेस की बैठक में भी साफ दिखाई दी। हालांकि पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के लिए सुकून देने वाली बात यह रही कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और सगठन के बीच जारी तल्खी के चलते जनमानस में जा रहे गलत संदेश को सीएम हरीश रावत ने बिना वक्त गंवाए भांप लिया और संगठन की अहम बैठक में पहुंचकर सभी को एकता का पाठ पढ़ाया। सीएम रावत ने ‘मिशन-2017’ के लिए राजनीतिक मंत्र भी दिया । सीएम रावत ने कहा कि ‘यदि हम सब एक नहीं हुए तो गैरों के मंसूबे कामयाब हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व पार्टी के कुछ नेताओं ने सरकार पर सोनिया गांधी के नाम पर धमकाने का आरोप लगाते हुए पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल मचा दी थी। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर सोमवार को हरिद्वार में आयोजित कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर सब की निगाहें लगी थी।
कुछ पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं द्वारा सुबह से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा था कि संदेश जा रहा था कि सीएम रावत ने बहादराबाद के कार्यक्रम में समय दिया। लेकिन संगठन की पूरी अनदेखी की। बैठक में भी सरकार और संगठन के बीच का तनाव साफ झलक रहा था।
ऐन वक्त पर सीएम ने दिया संकेत
सभी खेमों में बंटे नजर आ रहे थे लेकिन ऐन वक्त पर सीएम ने बहादराबाद का कार्यक्रम समाप्त होते ही संकेत दिया कि उन्हें बैठक में जाना है और देहरादून का कार्यक्रम निरस्त कर सीधे राधाकृष्ण धाम पहुंच गए। सीएम के आते ही बैठक का नजारा पूरा बदल गया। सीएम ने किशोर उपाध्याय को बार-बार संबोधित करते हुए संगठन को सर्वोपरि बताया। मिशन-2017 को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर काम करने पर बल दिया।
कहा कि आपसी सद्भाव के संकेत से ही उत्तराखंड में सरकार की वापसी संभव है। इससे पहले किशोर उपाध्याय ने भी कांग्रेसजनों की एकता पर बल दिया। बैठक में आने से कांग्रेसी राहत में दिखे और बैठक का तल्ख माहौल काफी हद तक दूर नजर आया।