फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी अभियंता पर आय से अधिक संपत्ति का केस, बरामद हुई एक करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी

Wed, 18 Dec 2019 10:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग लैंसडौन के अधिशासी अभियंता प्रवीण बहुखंडी आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस गए हैं। विजिलेंस ने बहुखंडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद आवास में हुई तलाशी में कई करोड़ की संपत्ति बरामद की है।

विज्ञापन


इनमें 21 तोले सोना, 6.50 लाख की नकदी, 7.20 लाख की एफडी, एक लाख के किसान विकासपत्र, 90 लाख के फ्लैट के दस्तावेज और 25 से 30 लाख की ज्वेलरी की रसीद और महंगा घरेलू सामान शामिल है। 

शासन के निर्देश पर विजिलेंस कई माह से लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण बहुखंडी के खिलाफ आय से अधिक की संपत्ति की जांच कर रही थी। साक्ष्याें को संकलन करने के बाद विजिलेंस ने दो दिसंबर को बहुखंडी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कर लिया था।

विज्ञापन

विजिलेंस के डीआईजी कृष्ण कुमार वीके ने फोन पर बताया कि टीम ने सोमवार को अधिशासी अभियंता बहुखंडी के आवास और महालक्ष्मी विल्डवैल फ्लैट नंबर 301 में छापा मारकर कई घंटे तक तलाशी ली थी।

इस दौरान टीम को छह लाख 38470 रुपये की नकदी, 21 तोला सोना, विभिन्न बैंकों में जमा छह लाख 52909 रुपये के कागजात, महालक्ष्मी विल्डवैल फ्लैट नंबर 301, जिसकी कीमत लगभग नब्बे लाख रुपये के करीब है।

इसके अलावा विभिन्न बैकाें में सात लाख 20 हजार की एफ डी के कागजात, चेक बुक, डाकघरों की पासबुक, 100000 रुपये के किसान विकासपत्र के अलावा 25-30 लाख की ज्वेलरी की रसीदें और महंगा घरेलू सामान बरामद हुआ है।

डीआईजी के मुताबिक इस मामले में जल्द अधिशासी अभियंता बहुखंडी को पुलिस मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की जाएगी। बता दें, विजिलेंस ने इस साल चौथे अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया है। तीन मुकदमे पहले से विचाराधीन है। इनमें से आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा जेल में हैं।   
विज्ञापन

कई और अफसर होंगे बेनकाब

राज्य में आय से अधिक संपत्ति के चक्रव्यूह में फंसे अधिकारियों की फेहरिस्त लंबी है। पांच अधिकारियों के खिलाफ तो कार्रवाई के लिए अब भी शासन की अनुमति का इंतजार है। इनके अलावा विजिलेंस टीम 25 अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय या खुली जांच कर रही है। सभी मामलों में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होते ही कई और अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

लंबे समय से उनके खिलाफ जांच लंबित है। पांच और अधिकारियाें के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में कार्रवाई की तैयारी है। विजिलेंस इन अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा कर रिपोर्ट भेज चुका है। शासन की हरी झंडी मिलते ही इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

विजिलेंस सूत्राें के मुताबिक करीब 25 अधिकारियों के खिलाफ खुली और गोपनीय जांच चल रही है। विजिलेंस के अधिकारी गोपनीय रूप से उनकी संपत्ति का आंकलन करने में जुटे हैं। इनमें से 10 के खिलाफ गोपनीय तो 15 के खिलाफ खुली जांच लंबित है। कई अधिकारियों के खिलाफ शासन के निर्देश पर जांच प्रचलित है तो कई के खिलाफ दूसरे माध्यमों से साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। 

इस साल फंसे चार अधिकारी

2019 में ही चार अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कानूनी शिकंजा कसा है। इस साल आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकंजे में फंसने वाले पहले अधिकारी आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति मृत्युंजय मिश्रा बने थे। मिश्रा के खिलाफ जांच चल रही है।

आईएफएस अधिकारी किशन चंद के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। इंजीनियर सुजीत कुमार विकास के बाद विजिलेंस ने अब लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण बहुखंडी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें