ऐन मौके पर जब सभी विधायक देहरादून नहीं पहुंचे तो बैठक को स्थगित कर दिया गया। हालांकि बैठक की औपचारिक सूचना जारी नहीं की गई थी। पार्टी की ओर से नदारद तमाम विधायकों के नहीं पहुंचने पर वाजिब कारण गिनाए जा रहे हैं, लेकिन यह किसी के गले भी नहीं उतर रहे हैं।
वहीं मीडिया को जारी एक बयान में गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि सत्तापक्ष को इस बात की चिंता नहीं है कि उनकी कैबिनेट बैठकों में मंत्री और अधिकारी अनुपस्थित हो रहे हैं, लेकिन उनका पूरा ध्यान इस तरफ केंद्रित है कि विपक्ष के आयोजनों में कौन आ रहा है कौन नहीं।
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उत्तराखंड कांग्रेस में किसी तरह की फूट नहीं है। मेरे पदभार ग्रहण करने के दौरान कुछ विधायक अनुपस्थित रहे, लेकिन सभी ने वाजिब कारण बता दिया था। मुझे पार्टी ने सभी विधायकों के अभिभावक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है, मैं सभी को साथ लेकर आगे बढूंगा और संरक्षण दूंगा। जिस किसी की नाराजगी होगी, मिल बैठकर सुलझा ली जाएगी।
- यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष