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विधायकों की बदजुबानी: बंद कमरे में शिवप्रकाश, सीएम और भट्ट ने दिखाया अनुशासन का डंडा

Wed, 16 Oct 2019 03:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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बड़बोले और विवादास्पद बयानबाजी करने वाले विधायक राजकुमार ठुकराल, सुरेश राठौर और उमेश शर्मा काऊ को प्रदेश पार्टी कार्यालय में हुई एक अहम बैठक में अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। बेसुरे विधायकों के सुरों को ठीक करने वालों में राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट शामिल थे। 

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बंद कमरे में सभी शीर्ष नेताओं ने तीनों विधायकों के बहाने उपस्थित करीब 30 विधायकों, पदाधिकारियों और दायित्वधारियों को साफ किया कि अनुशासन भंग किया जाना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी को पार्टी की रीति-नीति का ध्यान रखने और वाणी पर संयम रखने की नसीहत पिलाई गई। लेकिन जब बैठक समाप्त हुई तो तीनों विधायकों से वरिष्ठ नेता जिस अंदाज में पेश आए, उससे यही लगा कि उनकी बदजुबानी की कहानी अंदर कुछ और बाहर कुछ और ही है।

एक समुदाय विशेष को लेकर बेहद आपत्तिजनक वीडियो के कारण पार्टी की अनुशासनहीनता की कार्रवाई में फंसे विधायक राजकुमार ठुकराल बैठक कक्ष से बाहर आए राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश से मिले। उन्होंने उनके कानों में फुसफुसाया और सिर पर हाथ रखने को कहा। शिवप्रकाश ने ठुकराल की पीठ थपथपाई और चल दिए। पंचायत चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में जवाब तलब हुए विधायक उमेश शर्मा काऊ से भी शिवप्रकाश सहजता से मिले। उधर, ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर को प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार आश्वस्त करते नजर आए। 
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इस संबंध में पूछने पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा, ‘विधायकों को नोटिस जारी किए गए। उनके जवाब प्राप्त हो गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं हुए तो पार्टी उन पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि जवाब अनुशासन समिति को भेज दिए जाएंगे। अनुशासन समिति निर्णय लेगी। सूत्रों की मानें तो पार्टी का रुख बता रहा है कि विधायकों को एक बार चेतावनी देकर फिलहाल उन्हें क्षमा कर दिया है। 

नोटिस नहीं मिला पर मैंने जवाब सौंप दिया

भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि उन्हें पार्टी का अभी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन उन्होंने नोटिस प्राप्त होने से पहले अपना जवाब सौंप दिया है। कहा, जो वीडियो वायरल किया गया है, वो 2011 का है और राजनीतिक साजिश के तहत कूटरचित है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके प्रभाव से ईर्ष्या करते हैं, इसलिए इस तरह की हरकतें करते हैं। वे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पार्टी की विचारधारा के साथ हैं। 

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