ऊर्जा निगम में आरक्षित वर्ग के तीन अधिकारियों ने प्रबंधन पर पदोन्नितयों में भेदभाव का आरोप लगाया है।
आयोग ने प्रबंध निदेशक को बुलाया
इस शिकायत पर राज्य एससी-एसटी आयोग ने ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक को 28 जून को आयोग के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर आरोप है कि एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों को पदोन्नति न देकर जूनियरों का पद बढ़ा दिया गया।
जबकि ये अधिकारी कोटे से इतर सामान्य श्रेणी अधिकारियों से सीनियर होने के अलावा जरूरी योग्यता भी रखते थे।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता (विद्युत वितरण मंडल) आरएस बर्फाल को मुख्य अभियंता स्तर-दो और मुख्य अभियंता-दो एसके टम्टा को मुख्य अभियंता-स्तर एक पर अब तक पदोन्नति दी जानी चाहिए थी।
तीनों अधिकारियों ने की आयोग से शिकायत
जबकि अधिशासी अभियंता राजकुमार को अधीक्षण अभियंता के पद पर पदोन्नत होना था। तीनों अधिकारियों ने इस संबंध में आयोग से शिकायत की थी।
इस पर आयोग ने प्रबंध निदेशक से जवाब मांगा है। उधर, ऊर्जा आफिसर्स सुपरवाइजर एंड स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव पीसी ध्यानी ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारियों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार पर आंदोलन की चेतावनी दी है।