अच्छे दिन की राह देख रहे आम आदमी पर पहली मार रेल किराये की साढ़े 14 फीसदी बढ़ोतरी के रूप में पड़ी है।
‘हम तो कभी ट्रेन से जाते नहीं...। ‘साल में इक्का-दुक्का कहीं जाते हैं... कहकर लोग मन को समझा रहे हैं।
लेकिन माल भाड़े में 6.5 फीसदी की बढ़ोतरी का कोई तोड़ नहीं है। यह बढ़ोतरी घर बनाने से लेकर कपड़े पहनने के शौक को महंगा करने जा रही है।
घर बनाना पड़ेगा महंगा
माल भाड़ा महंगा होने का असर सीमेंट पर खासतौर पर देखने को मिलेगा। जानकारों का कहना है कि सीमेंट के 50 किलो के बैग पर लगभग 15 रुपए की बढ़ोतरी होने जा रही है।
इस संबंध में कंपनी की तरफ से डीलर को जानकारी दे दी गई है। यह अलग बात है कि बढ़े भावों को लागू करने की तारीख उन्हें नहीं बताई गई है। स्थानीय राणा ट्रेडर्स के अनुसार सीमेंट के दामों में प्रति बैग बढ़ोतरी कुछ यूं हो सकती है।
सीमेंट - दाम अभी (रु) - बढ़ोतरी के बाद संभव
एसीसी - 350 - 365
श्री - 335 - 350
जेपी - 340 - 355
अल्ट्राटेक - 350-355 - 370
फार्मा के लिए कच्चा माल होगा महंगा
फार्मा सेक्टर के लिए कच्चा माल बाहर से आता है। सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया की बात करें तो यहां की अधिकतर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स इसके लिए दूसरे प्रदेशों पर निर्भर हैं।
मसलन, गुजरात और मध्य प्रदेश। कच्चा माल महंगा होने से बढ़ी लागत की वसूली कीमत बढ़ाकर की जाएगी।
बाहर से आने वाले नग होंगे महंगे
माल भाड़ा बढ़ने से होजरी, वूलन आदि के उन कपड़ों के रेट बढ़ेंगे, जो दिल्ली, लुधियाना, सहारनपुर और इसके आसपास की मार्केट से हर सुबह दून पहुंचते हैं।
पहले यह माल रेलवे ट्रैक से होते हुए सहारनपुर पहुंचता है, उसके बाद दून। व्यवसायी रोशन के अनुसार हर रोज लाखों का माल उतरता है। नग महंगे होने से प्रति पीस लोगों को अतिरिक्त दाम चुकाने होंगे।