हर पीड़ित की मदद के लिए आगे रहा
उन्होंने बताया कि आपदा आने पर फौरी तौर पर तो पीड़ितों तक सुविधाएं पहुंचाने और उनकी मदद के लिए सभी आगे आते हैं लेकिन कुछ समय बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। ऐसे में फिर मंच पीड़ितों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए सरकार, वित्तीय सहायक एजेंसियों से संपर्क कर उनकी मदद करती है। मंच 2012-13 की आपदा हो या कोरोनाकाल हर पीड़ित की मदद के लिए आगे रहा है।
ये भी पढ़ें...उत्तरकाशी आपदा: हर सुबह अपनों को ढूंढने की जद्दोजहद; बदल गई ग्रामीणों की दिनचर्या, चारों ओर पसरा है मलबा
सेमवाल ने बताया कि केदारनाथ आपदा के दौरान भी मंच की ओर से बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने के साथ ही तलाशने के लिए पहुंच रहे लोगों के खाने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही आपदा प्रभावितों को भी समुचित सुविधा देने में मंच के सभी स्वयंसेवक जुटे रहे। धराली आपदा में भी मंच के लोग धराली तक पहुंच गए हैं। साथ ही आपदा प्रभावितों को जरूरत की सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।