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उत्तराखंड में बादल लाए तबाही, कई जगह बादल फटने से 6 की मौत और 8 जवान लापता

Tue, 15 Aug 2017 08:23 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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बादल फटने के बाद आए मलबे में घर ढह गए। - फोटो : अमरउजाला
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उत्तराखंड में बादलों ने ऐसी तबाही मचाई कि सैकड़ों लोगों पर आफत आ गई। राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल के बादल फटने की घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्‍त हो गया है। राज्य के पिथौरागढ़ में दो जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें  छह के मरने और सेना के आठ जवानों के लापता होने की सूचना है। वहीं ग्राम क्यारी के खिचड़ी नाले में दो लोगों के बहने की भी सूचना है।
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एसएसबी डीडीहाट से प्राप्त सूचना के अनुसार एसएसबी लमारी द्वारा मालपा से जहां पर तीन दुकानें टूट गई थी चार शव निकाल लिए गए हैं। खोजबीन का कार्य जारी है। उत्तराखंड शाशन द्वारा आपदा की घटनाओं के मद्देनजर एक हेलीकॉप्टर जनपद पिथौरागढ़ में भेजा जा रहा है जो तहसील धारचूला मुख्यालय में रहेगा। बताया गया कि हेलीकॉप्टर सोमवार दोपहर तक पिथौरागढ़ पहुंच जाएगा। 

तहसील धारचूला में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में मालपा में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सेना के आठ जवान लापता हैं। धारचूला के ढूंगातोली गांव के दोपातल तोक में रविवार की रात करीब आठ बजे बादल फटने से चार मकान ध्वस्त हो गए। 15 परिवारों को गांव से 1.5 किलोमीटर दूर जूनियर हाइस्कूल के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। रात करीब 9 बजे जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने जानकारी दी कि इस घटना में संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
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उधर, पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लॉक के धरियालसार गांव के पास शनिवार रात करीब आठ बजे बादल फटने से करीब तीन किमी क्षेत्र खाई में तब्दील हो गया। पैदल पुल, पेयजल लाइनें और सैकड़ों पेड़ नाले में आए सैलाब की भेंट चढ़ गए। रविवार को भूस्खलन-बारिश की वजह से राज्य में दो लोगों की मौत हो गई। इस बीच राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने बादल छाए रहने के साथ ही राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

सेना के आठ जवान लापता

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तहसील धारचूला में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में मालपा में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सेना के आठ जवान लापता हैं।

दो जवान और एक जेसीओ को मलबे से सकुशल निकाल लिया गया है। मालपा नाला उफान में आने से तीन होटल बह गए। साथ ही दर्जनों लोग घायल हैं। घायलों में दो पुलिस के जवान भी शामिल हैं। चार लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। 

बादल फटने की घटना रात्रि 2 बजकर 45 मिनट की है। मांगती और सिमखोला में मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गए । गरबाधार में सेना सहित अन्य वाहन बहने की सूचना है। साथ ही खच्चर भी बह गए हैं। काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे अलर्ट जारी कर दिया है।


 

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रविवार देर रात पि‌थौरागढ़ जिले के मांगती में घट्टाबगड़ नाले में बादल फटने की घटना सामने आई। तेज सैलाब से मांगती में दो पुल बह गए। फिलहाल कैलाश मानसरोवर यात्रा को रोक दिया गया है। प्रसाशन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर सक्रिय है।

वहीं पौड़ी जिले में दुगड्डा ब्लॉक के धरियालसार गांव के पास बादल फटने से करीब तीन किमी क्षेत्र खाई में तब्दील हो गया। पैदल पुलियाएं, पेयजल लाइनें और सैकड़ों पेड़ नाले में आए सैलाब की भेंट चढ़ गए।

हालांकि, जानमाल को कोई नुकसान नहीं हुआ। उधर, चंबा में ग्राम पंचायत थान के जौरासी-ग्वाड़की तोक में भूस्खलन के मलबे में दबने से एक मनरेगा श्रमिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। वहीं, शनिवार को बांघाट कस्बे में नयार नदी में बहे युवक का शव घटनास्थल से एक किमी दूर सांगुड़ा मंदिर के पास बरामद हुआ।
 

सैलाब में बहे पेड़, पुल और उपजाऊ भूमि

बादल फटा - फोटो : SELF
शनिवार रात करीब आठ बजे विधानसभा यमकेश्वर के ग्राम पंचायत जमरगड्डी के राजस्व ग्राम धरियालसार के निकट बादल फटने से बरसाती नाला करीब तीन किमी तक गहरी खाई में तब्दील हो गया। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि इसके रास्ते में आने वाले पेड़, पुल और उपजाऊ भूमि बह गई।

नेगणा के वीरेंद्र सिंह, राहुल चौहान, बलवंत सिंह व दीपक चौहान ने बताया कि नाले में तीव्र प्रवाह से बारिश का पानी बहने से नेगणी की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई। मल्ली जमरगड्डी के गुणिया स्रोत स्थित पैदल पुल और धरियालसार के निकट पैदल पुल बह गया।

उधर, राजस्व उपनिरीक्षक राजेश राणा ने बताया कि उन्होंने आपदा से प्रभावित धरियालसार और नेगणा गांव का दौरा किया। केवल दो पुल, पैदल रास्ते तथा कुछ गोशालाओं में दरारें पड़ी है।
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एसएसबी, आईटीबीपी, एसडीआरएफ ‌की टीम मौके पर तैनात

एसडीआरएफ - फोटो : अमर उजाला
पिथौरागढ़ ‌जिले के धारचूला क्षेत्र में हुई दैवीय आपदा की घटना के अंतर्गत जिलाधिकारी द्वारा घटना स्थल पर तुरंत राहत बचाव व अन्य कार्य किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशाशनिक अधिकारियों के साथ ही एसएसबी, आईटीबीपी, एसडीआरएफ ‌की टीम मौके पर तैनात है।

क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण काली नदी का जल स्तर बढ़ गया है। नदी के नजदीक रह रहे लोगों को प्रशाशन द्वारा अलर्ट कर दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा आईआरएस प्रणाली के अंतर्गत कार्यरत सभी अधिकारियों को तुंरत र्कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव कार्यो को युद्ध स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में आई आपदा में सेना के आठ जवान समेत कुल 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई दुकानें टूटने की सूचना है। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों के 16 खच्चर भी लापता बताए जा रहे हैं। अभी तक रेस्क्यू अभियान के द्वारा मांगती नाला से एक बुजुर्ग ब्यक्ति का शव एसएसबी द्वारा निकाला गया है।
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