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19 साल पहले भी मालपा हुआ था तबाह, गई थी 300 लोगों की जान

Tue, 15 Aug 2017 08:22 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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कैलाश मानसरोवर यात्रा - फोटो : फाइल फोटो
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60 कैलास मानसरोवर यात्रियों सहित करीब 300 लोगों को लील लेनी वाली घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
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18 अगस्त 1998 को कैलास मानसरोवर यात्रियों का 18वां दल यात्रा पर जाने के दौरान मालपा पड़ाव में रूका हुआ था। उस रात बॉलीवुड स्टार कबीर बेदी की पत्‍‌नी और पूजा की बेदी की मां प्रोतिमा बेदी ने शिव नृत्य का प्रदर्शन किया। जिसे देखने के लिए 60 यात्रियों सहित बड़ी संख्या में पौनी पोटर्स, आइटीबीपी जवानों के साथ ही स्थानीय ग्रामीण मालपा पड़ाव में मौजूद थे।

रात में विशाल चट्टान टूटकर मालपा पड़ाव पर आ गिरी, जिससे पूरा पड़ाव नष्ट हो गया। मलबे में करीब 300 लोग जिंदा दफन हो गए। राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना और वायु सेना को बुलाया। महीनों की मशक्कत के बाद कुछ शव निकाले जा सके। अधिकांश शव मलबे के ढेर में ही दफन हो गए। 
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19 साल बाद एक बार फिर कुदरत का कहर बरपा

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19 साल बाद 13 अगस्त 2017 को मालपा में एक बार कुदरत का कहर बरपा है। राज्य के पि‌थौरागढ़ से लगी चीन सीमा के पास मालपा में बादल फटने से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि सेना के आठ जवान लापता हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मंत्री प्रकश पंत पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं सेना के जवान भी मौके पर तैनात हैं। बताया गया कि बादल फटने की घटना रात्रि 2 बजकर 45 मिनट की है।

मालपा में नाला ऊफान पर आने से तीन होटल बहने की भी खबर है। चीन सीमा पर दूरस्‍थ इलाका होने के कारण राहत-बचाव कार्य में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मालपा में इतनी बड़ी त्रासदी में दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है।
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