राज्य बाल विज्ञान कांग्रेस में शामिल होने पहुंची चमोली के देवाल की बाल वैज्ञानिक अंकिता तोपाल दोनों हाथ से पैदाइशी विकलांग हैं। वे पैरों की मदद से लिखती है।
इसके बावजूद उसने क्षेत्र के दो गांवों पर शानदार प्रोजेक्ट तैयार किया। बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रदेश भर के 143 बाल वैज्ञानिकों ने मुख्य विषय जलवायु एवं मौसम के छह उप विषयों पर शानदार प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
जिसमें राजकीय कन्या हाईस्कूल देवाल की नवीं कक्षा की छात्रा अंकिता ने देवाल ब्लॉक के इच्छोली एवं सैलखोला गांव पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया।
जलवायु, मौसम एवं स्वास्थ्य पर प्रस्तुत प्रोजेक्ट में छात्रा ने दर्शाया कि बदलते मौसम के चलते गांव में किस तरह से परंपरागत खेती में उत्पादन घटता जा रहा है।
इसके प्रति ग्रामीणों में जागरूकता आयी तो उन्होंने मौसम के अनुकूल फसलों का उत्पादन शुरू किया। वही उसने अक्सर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के चलते दूषित पेयजल की आपूर्ति और इससे बीमार होते लोगों की स्थिति को दर्शाया।