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Dehradun News: स्वास्थ्य महानिदेशक ने अंग प्रत्यारोपण की फाइलें लाैटाईं, 13 मरीजों का प्रत्यारोपण रुका

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Iकहा- पहले अंग प्रत्यारोपण कमेटी के काशीपुर निवासी नव नियुक्त सदस्य के हस्ताक्षर करवाकर लाएं
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Iदो नए मरीजों ने अंगप्रत्यारोपण के लिए मांगी एनओसीI
Iउत्तराखंड स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी की सदस्य स्वास्थ्य महानिदेशक ने मरीजों की फाइल पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर से 13 मरीजों का अंग प्रत्यारोपण रुक गया है। इसमें दो नए मरीज भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में एनओसी के लिए आवेदन किया है। अब कमेटी के काशीपुर निवासी नवनियुक्त सदस्य डॉ. यशपाला राणा के फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद ही डीजी के हस्ताक्षर होंगे। इसके लिए कर्मचारियों को फाइल लेकर काशीपुर की दौड़ लगानी होगी।I
Iहाल ही में ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। इसमें उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक, दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, सर्जन, फिजिशियन और बाहर के दो सदस्य डॉ. ज्योति शर्मा एवं डॉ. यशपाल सिंह रावत को कमेटी के सदस्य के रूप में चुना गया है। कमेटी के सदस्य डॉ. यशपाल सिंह रावत काशीपुर के रहने वाले हैं। ऐसे में किसी भी मरीज के अंग प्रत्यारोपण से पूर्व फाइल में हस्ताक्षर करवाने के लिए कर्मचारियों को 200 किमी की दौड़ लगानी होगी। पूर्व में दून अस्पताल के कर्मचारी अंग प्रत्यारोपण की लंबित फाइलों को लेकर डीजी कार्यालय गए थे, लेकिन डीजी ने इन फाइलों पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया था। कहा कि जब तक डॉ. यशपाल के हस्ताक्षर नहीं हो जाते वे इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी।I
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Iछह महीने से एनओसी का इंतजार कर रहे मरीज
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Iअंग प्रत्यारोपण के लिए छह महीने बाद कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद लंबित मरीजों को एनओसी मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, विभागीय औपचारिकताओं में फिर से मामला उलझ गया है। कमेटी का एक सदस्य करीब 200 किमी की दूरी पर रहता है, ऐसे में मरीजों की फाइल पर हस्ताक्षर कर पाना मुश्किल हो रहा है।
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Iकमेटी के सभी सदस्यों को आस-पास होना चाहिए। ऐसे में मीटिंग और मरीज की फाइल में हस्ताक्षर करवाने में दिक्कत नहीं आती है। नई कमेटी में शामिल एक सदस्य के काशीपुर के होने की वजह से काफी दिक्कतें आ रही हैं। डॉ. हरीश बसेरा, सदस्य, उत्तराखंड स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट कमेटीI
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