उत्तराखंड के युवा क्रिकेटरों का रणजी में चमकने का सपना अब पूरा होने वाला है। ट्रायल का इंतजार या दूसरे राज्यों में पलायन के बजाय वे उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के जरिये रणजी में खेल सकेंगे।
बीसीसीआई से मान्यता नहीं
यूपीसीए ने उत्तराखंड को अपना 12वां जोन घोषित किया है। इससे प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। राज्य गठन के 13 साल बाद भी उत्तराखंड को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिल सकी है। दो एसोसिएशनों के बीच लड़ाई के चलते यह स्थिति बनी।
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इससे प्रदेश के कई उभरते सितारे चमक बिखेरने से पहले ही धूमिल हो गए, वहीं एकता बिष्ट, अभिमन्यु, स्नेहा राणा समेत कई को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ा।
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प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के हुनर को देखते हुए अब यूपीसीए ने उन्हें मौका देने का बीड़ा उठाया है। अब उत्तराखंड के खिलाड़ी सीधे जोनल टूर्नामेंट में खेल सकेंगे।
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यूपीसीए ने उत्तराखंड में क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड (सीएयू) को जोन की जिम्मेदारी सौंपी है। सीएयू के सचिव और यूपीसीए की डेवलेपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के सदस्य पीसी वर्मा ने बताया कि इस संबंध में पत्र मिल चुका है। उम्मीद है कि जनवरी में ही पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी।
यह होगा फायदा
- अंडर-13 वर्ग से सीनियर वर्ग के खिलाड़ी होंगे तैयार
- सब जूनियर से सीनियर वर्ग के जोनल टूर्नामेंट होंगे आयोजित
- गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की बनेंगी दो टीमें
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- दोनों मंडलों में होंगे अंतर मंडल क्रिकेट टूर्नामेंट
- टूर्नामेंट के बाद तैयार होगी मंडल की टीम
- अब ट्रायल नहीं, प्रदर्शन से मिलेगा रणजी का टिकट