केंद्र की अनदेखी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया को उत्तराखंड में पलीता लग रहा है। सरकार ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि प्रदेश की पचास प्रतिशत ग्राम पंचायतों में अब भी ब्राडबैंड और 3 जी नेटवर्क नहीं पहुंचा है।
डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट को पूरा करने में अपनी विवशता जताते हुए मदद मांगी है। बार्डर एरिया में स्थापित होने वाले 47 बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) का कार्य भी लटक गया है।
प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत प्रदेश के अधिकांश ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोलने का खाका तैयार कर उनका अनुपालन भी लगभग पूरा कर लिया, लेकिन वहां तक ब्राडबैंड नहीं होने से आनलाइन नागरिक सेवाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
सचिव आईटी दीपक कुमार ने चार जुलाई को केंद्रीय दूरसंचार विभाग को पत्र भेजा है, इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम की उत्तराखंड में स्थित स्पष्ट की है।
सीमांत जनपदों में मोबाइल फोन नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ चारधाम यात्रा मार्ग रूट पर दूरसंचार सेवाएं दुरुस्त करने के लिए बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) जल्द स्थापित करने को कहा है।
केंद्र से सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को आपदा प्रभावित क्षेत्रों और सीमांत क्षेत्रों में नेटवर्क सुधारने के निर्देश देने की भी मांग राज्य सरकार कर रही है।