सोमवार दोपहर करीब 12 बजे डीआईजी यातायात केवल खुराना शहर के चौराहों का औचक निरीक्षण करने निकले। लेकिन, पुलिस मुख्यालय से दिलाराम चौक तक सड़क पर उन्हें कहीं कोई यातायात पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। एक चौराहे पर सिपाही मिला लेकिन, वह भी छांव में मोबाइल पर उंगली चला रहा था। इतना ही नहीं सिटी पेट्रोल यूनिट भी कहीं नजर नहीं आई।
डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) यातायात प्रकाश चंद आर्य से इस संबंध में मोबाइल पर बात कर नाराजगी जताई। इस पर एसपी का जवाब था कि उन्हें कोई गलत जानकारी दे रहा है। नाराज डीआईजी ने कहा, यह किसी की सूचना नहीं है वे खुद निरीक्षण करके लौटे हैं। शहर में ट्रैफिक पुलिस और सीपीयू के 300 जवान कहां हैं। किसी चौराहे पर नजर क्यों नहीं आ रहे हैं। सवाल किया कि क्या ट्रैफिक पुलिसकर्मी 12 बजे ही लंच पर चले जाते हैं।
जबकि इस समय यात्रा का पीक सीजन चल रहा है। अधिकारी आफिसों की बजाय सड़क पर उतरकर ट्रैफिक को नियमित रुप से चलाने का प्रयास करें। यह कहकर कोई अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि इस बार पयर्टकों की संख्या पहले से कहीं ज्यादा है। जितना संभव है उतना तो पुलिस अपना दायित्व निभाएं। निरीक्षण के बाद मुख्यालय पहुंचे डीआईजी ने पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कु मार को पूरी स्थिति से अवगत कराया।