चुनाव चिह्नों के लिहाज से इस बार चुनाव बड़ा दिलचस्प रहेगा। चुनाव आयोग ने तीन दर्जन से ज्यादा गैर मान्यता प्राप्त छोटे राजनीतिक दलों को जूते, चप्पल और टॉफी सरीखे चिह्न दिए हैं।
कई चुनाव चिह्न ऐसे हैं, जिन्हें सुनकर हंसी आ जाए। पिछले चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तरह के दल कुछ खास कारनामा नहीं कर पाए। सिर्फ उत्तराखंड क्रांति दल को छोड़ दें तो अब तक इन चुनाव चिह्नों पर किसी का खाता तक नहीं खुला है।
उत्तराखंड में चुनाव लड़ने वाले दलों की संख्या हर बार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2002 के चुनाव में छह राष्ट्रीय दलों के अलावा एक राज्य स्तरीय दल, आठ अन्य राज्यों के राज्य स्तरीय दल और 13 ऐसे दल चुनाव मैदान में थे, जो गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल के रूप में थे।
बेहद रोचक सिंबल फिर चुनावी समर में
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गैरमान्यता प्राप्त पंजीकृत दल में केवल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इस चुनाव में चार सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि अन्य सभी का खाता तक नहीं खुला।
वर्ष 2007 में राष्ट्रीय दलों की संख्या छह थी, जबकि 11 राज्य स्तरीय दल और 20 गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल चुनाव मैदान में उतरे। फिर एक बार यूकेडी को तीन सीटें मिलीं और अन्य की झोली खाली रही।
वर्ष 2012 में गैर मान्यता प्राप्त दलों की संख्या और बढ़कर 27 जा पहुंची। मगर सीट किसी को नहीं मिली। इस बार फिर इस संख्या में इजाफा हुआ और 38 दल चुनाव मैदान में हैं। हाल ही में इन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं। बेहद रोचक सिंबल लेकर ये फिर चुनावी समर में हैं।
पार्टियों को मिले कुछ प्रमुख सिंबल
चुनाव
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भारत राष्ट्र डेमोक्रेटिक पार्टी - जूता
गरीब क्रांति पार्टी - चप्पलें
सैनिक समाज पार्टी - एयर कंडीशनर
अपनी जिंदगी अपना दल - गोभी
भारतीय इंसान पार्टी - नेल कटर
नेशनल अपनी पार्टी - एक्सटेंशन बोर्ड
भारत न्याय दल - टॉफी
भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक पार्टी - गुब्बारा
राष्ट्रीय आदर्श पार्टी - गिफ्ट पैक