राजधानी में देहरादून में राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने नौकरशाहों पर ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की साजिश करने का आरोप लगाया है।
इसके विरोध में महासंघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। परेड ग्रांउड स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में महासंघ के संरक्षक दिनेश भंडारी ने कहा कि शासन में बैठे नौकरशाह निजी हित के लिए निगमों को खत्म करने पर तुले हुए हैं। प्रदेश में आईटी की संभावना बढ़ाने के बजाय हिल्ट्रान जैसे संस्थान को बंद किया जा रहा है।
छठे वेतनमान का लाभ हीं मिला
कर्मचारियों को छठे वेतनमान का लाभ भी नहीं मिला है। पेयजल निगम, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल विकास निगम की माली हालत ठीक नहीं है। कर्मचारियों को कई महीने तक वेतन नहीं मिल पाता है। नई खनन नीति के कारण वन विकास निगम की हालत और खराब हो जाएगी।
महासंघ ने खनन नीति के विरोध में 30 सितंबर को प्रस्तावित रैली को समर्थन दिया है। प्रेस कांफ्रेंस में महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत, सुरेश थापा, एसपी पंत, विजय बिष्ट, गुरमीत सिंह आदि उपस्थित थे।