नेता प्रतिपक्ष व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पूछा है कि मुख्यमंत्री किस बेनामी संपत्ति जब्तीकरण कानून की बात कर रहे हैं? यह कानून तो 2011 में ही बन गया था। क्या मुख्यमंत्री ने इस कानून को संशोधित कर दिया है? इस बारे में उनको बताना चाहिए। सबसे पहले मुख्यमंत्री को अपने सिपहसालारों की संपत्ति घोषित करानी चाहिए, जो बीजापुर से सरकार चला रहे हैं।
भट्ट ने शनिवार को जारी बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री विधानसभा के चुनाव को देखते हुए हड़बड़ाहट में फैसले रहे हैं, जो कानून पहले से है उसको लेकर भी कानून बना रहे हैं।
जनता के दरबार में जाएगी भाजपा
मुख्यमंत्री जिस कानून की बात कर रहे हैं उस पर सबसे पहले उनको ही अमल करना चाहिए। अपने ईद-गिर्द की मंडली व खास नौकरशाहों की संपत्ति मुख्यमंत्री घोषित कराएं। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव गिराया गया है, वह पूरी तरह से गलत है।
विपक्ष की गैरमौजूदगी में इस प्रस्ताव पर चर्चा करके खारिज दिया गया है। इस तरह से सरकार ने कानून व संविधान को विधानसभा में तार-तार कर दिया है। सरकार को अपनी इन गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भाजपा जनता के पास इन मुद्दों को लेकर जाएगी।