पत्रकारों से बात करते स्वामी यतींद्रानंद
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जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि के बयान से एक बार फिर लंढौरा बवाल की चिंगारी भड़कती नजर आ रही है। यतींद्रानंद ने लंढौरा बवाल के आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। साथ ही एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर ईद पर लंढौरा में धर्म संसद आयोजित करने का ऐलान किया है। यह बात उन्होंने रुड़की स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
राज्य सरकार पर लगाया आरोप
पत्रकार वार्ता में संबोधित करते हुए स्वामी यतीद्रानंद ने लंढौरा में हुए बवाल की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि बवाल के दौरान अधिकारियों द्वारा भाजपा नेता कुंवर प्रणव चैंपियन का फोन नहीं उठाया जाना इस बात की ओर संकेत करता है कि सभी कुछ राज्य सरकार के इशारे पर हुआ है।
उन्होंने कहा कि लंढौरा में धर्मपुस्तक को फेंके जाने की बात फैलाई गई थी। राज्य सरकार प्रदेश में जवाहर बाग और मुजफ्फरनगर दंगे जैसे कांड कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि बवालियों ने राजमहल में घुसकर न केवल सांस्कृतिक धरोहर को लूटा है बल्कि वहां रखी भगवत गीता का भी अपमान किया है।
सरकार के षड़यंत्र का करेंगे खुलासा
साथ ही कई महापुरुषों की मूर्तियों का भी अपमान किया है। इस दौरान स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन एक सप्ताह में रंगमहल में आगजनी और तोडफ़ोड़ करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया तो ईद के दिन लंढौरा में धर्म संसद आयोजित की जाएगी जिसमें पूरे संत समाज के सामने सरकार के षड़यंत्र का खुलासा करेंगे।
यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो इसका जिम्मा सरकार का होगा। इस मौके पर राकेश अग्रवाल, कुंवर नागेश्वर, अश्वनी कौशिक, आदेश सैनी, अमन त्यागी, रविश अवाना आदि मौजूद रहे।