अब निजी भूमि पर सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। नियामक आयोग ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है।
वन अनुमति के इंतजार, यूपीसीएल के निकासी पर ऐतराज के बीच अब नियामक आयोग ने धरासू सोलर प्रोजेक्ट पर फैसला सुना दिया है। यह प्रदेश में कहीं अन्य जगह निजी भूमि पर लगेगा। अगले साल 31 मार्च तक इसे पूरा करना होगा। इसका टैरिफ पूर्व निर्धारित 3.88 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगा।
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ स्थित धरासू में प्रस्तावित चार मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। यूजेवीएनएल ने धरासू पावर हाउस परिसर में चार मेगावाट सौर संयंत्र लगाने के लिए निविदा आमंत्रित की थी, जिसमें द्वारका फिदातो रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को काम मिला और दोनों के बीच अगस्त 2024 में पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) हुआ था।
अब विकासकर्ता को अपने खर्च पर नई निजी जमीन पर टीएफआर के लिए आवेदन करना होगा, जिस पर यूपीसीएल को पांच दिन के भीतर जांच करनी होगी। प्रोजेक्ट निजी भूमि पर जाने के कारण यूजेवीएनएल को मिलने वाला आठ प्रतिशत का रेगुलेटरी मार्जिन समाप्त कर दिया गया है।